खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी टीम इडिया
दाबुला। वीरें सहवाग आर तेज गेंदबाजों की शानदार फाम से वापसी करने वाली भारतीय टीम काेिणीय एकदिवसीय किकेट श्रखला के फाइनल में कल यहा लीग चरण की शमनाक हार का बदला चुकता करने आर श्रीलकाइ सरजमीं पर लगातार दूसरा खिताब जीतने के लिये मदान पर उतरेगी।
भारत आर श्रीलका इससे पहले जून में एशिया कप के फाइनल में आमनेसामने थे, जिसमें महें सिंह धोनी की टीम खिताब जीतने में सफल रही थी। भारत के लिए काेिणीय श्रखला में खिताबी मुकाबले तक पहचना एशिया कप जसा आसान नहीं रहा ह, जबकि श्रीलका को फाइनल तक पहचने में अधिक दिकत नहीं हइ। भारत ने करो या मरो के मुकाबले में यूजीलड को १०५ रन से हराकर फाइनल में जगह बनायी थी। काेिणीय श्रखला के दारान सूरज रणदीव की वीरें सहवाग को की गयी विवादापद नोबाल ने भारत आर श्रीलका के बीच किकेटिया सबधों पर भी असर पडने लगा था। अब जबकि दोनों टीमें आमनेसामने ह तब दोनों एक दूसरे को पटखनी देने में कोइ कसर नहीं छोडेगी।
मच का परिणाम या रहेगा इसके बारे में कुछ भी कहना मुकिल होगा योंकि यहा अधिकतर आसमान बादलों से घिरा रहा ह आर बाद में बलेबाजी करना आसान नहीं रहा ह। ऐसे में टास ने अहम भूमिका निभायी ह। यूजीलड के खिलाफ १०५ रन की जीत से ऐसा लगता ह कि भारतीय टीम जोरदार फाम में ह, लेकिन कहानी इससे विपरीत ह। सहवाग को छोडकर कोइ भी अय भारतीय बलेबाज अभी तक अछा दशन नहीं कर पाया जो टीम के लिये चिंता का विषय ह।
भारतीय कतान महें सिंह धोनी ने भी वीकार किया ह कि सहवाग को छोडकर अय भारतीय बलेबाजों को यहा की मुकिल पिचों पर सघष करना पडा ह तथा ऐसी परिथितियों के अनुप ढलना दोनों टीमों के लिये बडी चुनाती ह। दोनों टीमों के बीच इस श्रखला में कुछ तनाव देखने को मिला ह आर रणदीव करण ने आग में घी डालने का काम किया ह।
मच से पहले आर बाद की ेस काफेंस में शादिक जग लडी गयी, लेकिन मदान पर अब तक श्रीलका का पलडा भारत पर कुछ भारी रहा ह। तिसारा परेरा ने अपने करियर में पहली बार पाच विकेट लेकर भारतीय टीम को गेंद शेष रहने के लिहाज से अब तक की सबसे करारी हार दिलवायी थी। भारत ने हालाकि यूजीलड के खिलाफ करो या मरो मुकाबले में अछी वापसी की, लेकिन इस मच में भी उसकी बलेबाजी की कमजोरिया खुलकर सामने आयी। विशेषकर युवा बलेबाज अपेक्षाआें पर खरा उतरने में असफल रहे। माटर लाटर सचिन तेंदुलकर आर सलामी बलेबाज गातम गभीर की अनुपथिति में विराट कोहली आर सुरेश रना जसे खिलाडियों पर काफी जिमेदारी थी,लेकिन अभी तक वे नाकाम रहे ह।
सहवाग की बेहतरीन पारिया हर समय भारत को सकट से नहीं उबार सकती ह आर अब जरी ह कि युवराज सिंह सरीखे बलेबाज अपने अनुभव का इतेमाल करके अछा दशन करें। श्रीलका की अनुशासित गेंदबाजी के सामने हालाकि यह आसान नहीं होगा जिसे परेरा के प में एक आर मजबूत गेंदबाज मिल गया ह। उनके अलावा लसिथ मलिंगा आर एजेलो मयूज जसे विवसनीय गेंदबाज भी श्रीलकाइ टीम में ह, जिससे भारतीयों के लिये रन जुटाना आसान नहीं होगा।
भारतीयों से उलट श्रीलका बलेबाजी को लेकर चिंतित नहीं ह। अनुभवी महेला जयवթने, कुमार सगकारा आर तिलकरने दिलशान अछी फाम में चल रहे ह। भारत यदि इन तीनों को जदी आउट करने में सफल रहता ह, तो फिर उसके लिये काम कुछ आसान हो जाएगा। भारत का दारोमदार वीण कुमार, आशीष नेहरा आर इशात शमा की तेज गेंदबाजी की मूिति पर भी टिका हआ ह। जिस तरह से उहोंने पिछले मच में यूजीलड के शीष की बखिया उधेडी थी यदि उसी तरह का दशन फाइनल में भी करने में सफल रहे, तो फिर भारतीय टीम की बलेबले हो जाएगी।
टीम : भारत : महें सिंह धोनी (कतान, विकेटकीपर), वीरें सहवाग, विराट कोहली, सुरेश रना, रोहित शमा, युवराज सिंह, रविदर जडेजा, दिनेश कातिक, आरअविन, वीण कुमार, इशात शमा, अभिमयु मिथुन, आशीष नेहरा, ज्ञान ओझा, सारभ तिवारी आर मुनाफ पटेल।
श्रीलका : कुमार सगकारा (कतान,विकेकीपर), महेला जयवթने, तिलकरने दिलशान, दिलहारा फनाडो, रगना हेराथ, सूरज रणदीव, चमारा कापुगेदारा, नुवान कुलशेखरा, एजेलो मयूज, अजता मेंडिस, तिसारा परेरा, तिलन समरवीरा, चमारा सिवा आर उपुल थरागा।
मच का समय : दोपहर २३० बजे से
(टेन पोटस व टेन किकेट)
