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हाकी इडिया व खिलाडी अपने अपने रुख पर अडे

Swatantra Vaartha  Wed, 13 Jan 2010, IST

हाकी इडिया व खिलाडी अपने अपने रुख पर अडे

नइ दीली पुणे, १२ जनवरी (भाषा)। भारतीय हाकी पर माजूदा सकट आज उस समय आर गहरा गया, जब हडतालरत खिलाडियों ने बातचीत का बीच में ही बहिकार कर दिया, जिससे भडके हाकी इडिया ने उहें विवकप टीम से निकाल बाहर करने की धमकी देते हए ४८ घटे का नया अटीमेटम दिया है ।

बठकों आर नाटकीय घटनाकम के बीच हाकी इडिया आर खिलाडी अपनेअपने ख पर अडे रहे। भुगतान विवाद पर कोइ हल नहीं निकल सका, जिससे अगले महीने होने वाले विवकप में भारत की दोयम दर्जे की टीम के खेलने की नाबत पदा हो गइ है। हाकी इडिया का कहना है कि उसके पास खिलाडियों को देने के लिए पयात पसा नहीं ह, जो गेडेड भुगतान के अलावा ति खिलाडी साढे चार लाख पये की माग कर रहे ह। वहीं, खिलाडी भी टस से मस होने को तयार नहीं ह, लिहाजा मसला फिलहाल हल होता नहीं दिखता।

खेलमी एमएसगिल ने सकट दूर करने का यास करते हए खिलाडियों को अयास शिविर में लाटने का आगह करते हए विवकप के बाद मदद का आवासन दिया। हाकी इडिया के अयक्ष एकेमू ने कहा कि यह दुख:द ह कि विवकप दहलीज पर ह आर खिलाडी राट पर पसे को तरजीह दे रहे है। मू ने पुणे में ेस काफेंस में कहा, ‘परिसर में माजूद हर खिलाडी को अयास करना होगा, लेकिन लगता ह कि उनके लिए देश के लिए खेलने से यादा जरी पसा ह।’ उहोंने कहा, ‘किसी को शिविर से बाहर नहीं निकाला गया ह। खिलाडियों को अयास पर लाटने के लिए ४८ घटे का समय दिया गया ह। यदि वे इसमें भी नहीं लाटते ह] तो शिविर बद कर दिया जायेगा।’ मू ने कहा कि यदि खिलाडी निधारित समयसीमा के भीतर शिविर में नहीं लाटे, तो विवकप के लिए दूसरी टीम चुनी जायेगी।

उधर, खिलाडियों ने साझा ेस काफेंस में पलटवार करते हए कहा, ‘हमारे लिए देश के लिये खेलना सबसे अहम है। हम पसे के पीछे नहीं भागत।

यदि हाकी इडिया पर इतना ही बोझ ह, तो हमें उनसे कुछ नहीं चाहिये, हम अपने खच पर विवकप में खेलने के लिए तयार है।’

कतान राजपाल सिंह ने कहा, ‘हम शिविर में अयास करने ही आये ह, लेकिन अपने हक की बात करने से कोइ नहीं रोक सकता। हाकी इडिया के पास पसा नहीं ह तो हम खुद विव कप खेलने के लिये अपना खच उठाने को तयार ह। पहले भी जूनियर टीम ने विवकप में ऐसा किया था।’

खिलाडियों को २५२५ हजार पये की पेशकश के बारे में पूछने पर सीनियर फारवड भजोत सिंह ने कहा, ‘यह राटीय टीम ह, कोइ कूली टीम नहीं, जिसे टिप दी जा रही है। यदि उनके पास पसा नहीं ह, तो इतीफा यों नहीं दे देते।

नइ हाकी इडिया हमारी मागे पूरी करेगी।’ शिविर में लाटने के लिए ४८ घटे के अटीमेटम को धता बताते हए सीनियर खिलाडी दीपक ठाकुर ने कहा, ‘जब तक हमारी मागें पूरी नहीं होती, हम शिविर में नहीं लाटेंगे। हम यही रहेंगे, लेकिन अयास नहीं करेंगे।’ खेलमी एमएस गिल ने एक बयान में कहा, ‘इन हालात में मेरा मानना ह कि तुरत दीघकालिक समाधान सभव नहीं ह। सभी खिलाडियों को अयास जारी रखते हए विव कप में २८ फरवरी को पाकितान के खिलाफ पहले मच के लिए तयार रहना चाहिए।’ गिल ने वायदा किया, ‘टूनामेंट के बाद खेल मालय हाकी इडिया के नये बधन से बात करके सभी मसलों पर सतोषजनक समाधान तलाश लेगा।’

इससे पहले, मू ने कहा, ‘हम यह नहीं कह रहे कि हम खिलाडियों को बखात या निलबित कर रहे ह, लेकिन वे विवकप में नहीं खेल सकेंगे।’ उहोंने कहा, ‘म शिविर बद नहीं कर रहा ह। कुछ समय के लिये बद किया गया है आर कुछ दिन बाद फिर शु होगा।’

मू ने कहा, ‘भारत विवकप में भाग लेगा चाहे ये खिलाडी खेलें या नहीं। हम देशभर से नये खिलाडियों को चुनेंगे जो जोस बासा आर हरें सिंह के साथ अयास करेंगे। तकनीकी लोग इस मामले को देखेंगे।’ उहोंने कहा कि खिलाडियों ने आवासन दिये जाने के बावजूद अपनी हठ नहीं छोडने का फसला किया ह। उनसे कहा गया था कि सात फरवरी को होने वाले चुनाव के बाद उनकी खिकायतों का निराकरण किया जायेगा। उहोंने कहा, ‘मने खिलाडियों से कहा कि मेरे पास इतनी ही धनराशि ह। यदि म उहें ही दे देता है, तो महिला आर जूनियर टीम को या दूगा। मने उनसे कहा कि नइ इकाइ उनकी मागें सुनेगी आर उहें पूरी करेगी।’

मू ने कहा, ‘टोनी (एफआइएच उपायक्ष अतोनियो वोन आेंदारजा) ने यहा तक कहा कि दुनिया में कहीं भी खिलाडी पसे के लिए नहीं खेलते ह, लेकिन दुभाय की बात ह कि खिलाडियों ने नहीं सुनी।’ उहोंने कहा, ‘उहोंने कहा कि जब तक उनकी मागें नहीं मानी जाती, वे अयास नहीं करेंगे। ऐसा कहीं नहीं होता। मने उनसे कहा कि आप मदान पर आइये, हम देखते ह कि उनके लिये या किया जा सकता है।’ मू ने कहा, ‘तनवाह का सवाल ही पदा नहीं होता। वे हाकी इडिया के वेतनभोगी कमचारी नहीं ह। हमने उहें २५, ५००० पये देने की पेशकश की, योंकि अभी हम इतना ही कर सकते ह, लेकिन उहोंने इकार कर दिया। मने इन लडकों पर इतना समय खच किया ह, लिहाजा म उहें विव कप में खेलते देखना चाहता ह।’ उहोंने कहा कि वायदे के तहत महिला टीम की हर खिलाडी को २५००० आर जूनियर खिलाडि यों को १५००० पये हाकी इडिया देगी।

आेंदारजा ने पूरे घटनाकम पर हरानी जताते हए कहा कि विव कप सिफ छह सताह दूर ह आर ऐसे में खिलाडियों को दबाव के हथकडे अपनाने की बजाय अयास पर यान देना चाहिए। उहोंने कहा, ‘म यहा हाकी इडिया के चुनाव में कथित अनियमितता की जाच करने आया था। मुझे खुशी ह कि वह मसला कल हल हो गया। खिलाडियों की हडताल से म तध ह। हाकी इडिया के अधिकारियों ने मुझसे कहा कि या म खिलाडियों से बात करना चाहगा, तो मने कहा कि यों नहीं।’

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