ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

सानामाचा चानू ने खुद को बेकसूर बताया

Swatantra Vaartha  Fri, 10 Sep 2010, IST

सानामाचा चानू ने खुद को बेकसूर बताया

नई दिल्ली। दूसरे डोप टेस्ट में नाकाम रहने के बाद आजीवन प्रतिबंध का सामना करने वाली भारोत्तोलक सनामाचा चानू ने आज भारतीय भारोत्तोलन महासंघ पर उसे अंधेरे में रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह तो इस दवा मेथिलहेक्सानेमाइन का सही उच्चारण भी नहीं कर सकती।

पिछले महीने राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी द्वारा कराये गए डोप टेस्ट में नाकाम रही ३१ वर्षीय चानू ने कहा कि महासंघ ने उसे कभी नहीं बताया कि मेथिलहेक्सानेमाइन प्रतिबंधित दवा है।

उसने यहां पत्रकारों से कहा कि मुझे इसके बारे में पता ही नहीं है और ना ही महासंघ ने कभी बताया। हाल ही के बरसों में इस पदार्थ के सेवन के दोषी पाये गए सभी खिला़डयों को इसके बारे में पता नहीं है। पूर्व एशियाई चैंपियन और २००२ मैनचेस्टर राष्ट्रमंडल खेलों की विजेता चानू ने कहा कि मैं बी नमूने की जांच के नतीजे का इंतजार कर रही हूं। इसके बाद ही कोई फैसला लूंगी। ५३ किलोवर्ग में भाग लेने वाली चानू को पिछले महीने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हुए ट्रायल में दोषी पाया गया था। इससे पहले वह २००४ के एथेंस ओलंपिक में दोषी पाई गई थी। यदि बी नमूना भी पाजीटिव पाया जाता है तो उस पर आजीवन प्रतिबंध लग सकता है। चानू ने कहा कि मेरे पहले भी ५६ टेस्ट हो चुके हैं जो नेगेटिव रहे। २८ जुलाई को पटियाला में हुआ टेस्ट भी नेगेटिव रहा। इसके बाद राष्ट्रमंडल चयन ट्रायल के दौरान ऐसे पदार्थ के सेवन का दोषी पाया गया, जिसका मैं सही उच्चारण भी नहीं कर पाती।

चानू २००४ में एथेंस ओलंपिक में भी एक अन्य महिला भारोत्तोलक प्रतिमा कुमारी (६३ किग्रा) के साथ डोपिंग में पाजीटिव पायी गयी थी।

आपकी राय