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भारत ने बंगलादेश को ११३ रनों से हराया

Swatantra Vaartha  Fri, 22 Jan 2010, IST

india win 113 runभारत ने बंगलादेश को ११३ रनों से हराया

चटगाव )। िवकेटकीपर बलेबाज मुशफिकर रहीम के आकषक शतक के बावजूद भारत ने आज यहा बगलादेश को पहले टेस्ट िककेट मच में ११३ रन से करारी शिकत देकर दो मचों की श्रखला में १० की बढत बनायी। भारतीय टीम को जीत के िलए मच के अतिम दिन आठ विकेट की दरकार थी आर उसने केवल दो स में मच अपने नाम करके बगलादेश पर छह टेट मच में पाचवीं जीत दज की।

बगलादेश ने ४१५ रन के मुकिल लय का पीछा करते हए दो विकेट पर ६७ रन से आगे खेलना शु किया तथा ७५२ ओवर में ३०१ रन पर सिमट गया। उसकी पारी का आकषण रहीम के १०१ रन रहे, जिहोंने अपने करियर का पहला शतक जडा, जबकि तमीम इकबाल ने ५२ रन बनाये।

अमित मिश्रा ने बगलादेश के निचले कम को आउट करने में अहम भूमिका निभायी आर ९२ रन देकर चार विकेट लिये, जबकि इशात शमा ने ४८ रन देकर तीन आर जहीर खान ने ९० रन के एवज में दो विकेट हासिल किये।

बगलादेश की हार जब निचित हो गयी, तो सातवें नबर पर बलेबाजी के लिये उतरे रहीम ने येक गेंद पर शाट जमाने की रणनीति अपनायी आर भारतीयों को जीत का इतजार करवा दिया। उहोंने ११२ गेंद का सामना किया आर बगलादेश की तरफ से सबसे तेज टेट शतक जमाने का रिकाड बनाया। अतिम बलेबाज के प में आउट होने से पहले उहोंने अपनी पारी में १७ चाके आर एक छका लगाया।

पहली पारी में शतक जमाकर भारतीय बलेबाजी को सभालने वाले सचिन तेंदुलकर को ‘मन आफ द मच’ चुना गया। दोनों टीमों के बीच अब रविवार से मीरपुर में दूसरा टेट मच होगा। रहीम ने लच से कुछ देर पहले तब कीज पर कदम रखा, जब बगलादेश का कोर पाच विकेट पर १३५ रन था। उहोंने इसके बाद ताबडतोड रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों को भी हतभ कर दिया। इस जीत से भारत ने बगलादेश के खिलाफ अपना अजेय अभियान भी जारी रखा ह। उसने अब तक छह में से पाच मच जीते ह।

टेट मच की शुआत दोनों टीमों के बीच शादिक जग से हइ थी। भारत के कायवाहक कतान वीरें सहवाग ने बगलादेश को साधारण टीम करार देकर बहस शु कर दी थी। सलामी बलेबाज गातम गभीर के लिये भी यह मच यादगार रहा, जो लगातार पाच मचों में शतक जडने वाले चाथे बलेबाज बने। तेंदुलकर ने भी अपने ४४वें शतक के दारान १३,००० रन पूरे किये। खराब मासम से भावित मच के पहले दिन भारतीय बलेबाजी चरमरा गयी थी लेकिन आखिर में इसका परिणाम अपेक्षानुप ही रहा।

बगलादेश ने आज जब शुआत की तो उसको जीत के लिये ३४८ रन चाहिए थे। लच तक उसका कोर पाच विकेट पर १३६ रन था आर उसकी करारी हार निचित लग रही थी। निचले कम के भावशाली दशन से पहले विकेट नियमित अतराल में गिरते गये।

इशात शमा ने शु में मिल रहे मूवमेंट का फायदा उठाकर सुबह अपने सात ओवर में केवल ११ रन दिये आर दो विकेट हासिल किये। लच से कुछ देर पहले एसश्रीसत की जगह वय गेंदबाजी के लिए उतरे कायवाहक कतान सहवाग ने तमीम को आउट करके बगलादेश का कोर पाच विकेट पर १३५ रन कर दिया।

इशात ने दिन के चाथे ओवर में मोहमद अशरफुल (२७) को पवेलियन भेज दिया। बगलादेश का कोर डिस बेक से कुछ देर पहले तब चार विकेट पर ९४ रन हो गया, जब इशात ने अपने छठे ओवर में रकीबुल हसन को पगबाधा आउट किया जिहोंने ३० गेंद पर १३ रन बनाये। कल के अविजित बलेबाज तमीम ने लच से तीन ओवर पहले कायवाहक कान सहवाग की बाहर जाती गेंद को लश करने की कोशिश की, लेकिन वह उनके बले का किनारा लेकर लिप में राहल विड के सुरक्षित हाथों में चली गयी। तमीम ने १२२ गेंद खेलकर छह चाके लगाये। कतान सकीबुल हसन लच के बाद तीसरे ओवर में अमित मिश्रा की गुगली को नहीं समझ पाये, जो उनके बले के लेड से लगकर सिली वाइट में सहवाग के पास चली गयी।

महमुदुलाह (२०) ने जहीर पर दो चाके लगाये लेकिन भारत के इस अनुभवी गेंदबाज ने अपने अगले ओवर में इस बलेबाज को विकेटकीपर दिनेश कातिक के हाथों कच करा दिया। मिश्रा ने इसके बाद शहादत हसन (२४) आर शफीउल इलाम (८) को भी पवेलियन भेजा। रहीम ने बेल हसन के साथ अतिम विकेट के लिये ४३ रन की साझेदारी की जिसमें हसन का योगदान चार रन रहा। शतक पूरा करने के तुरत बाद वह सबटिटयूट ज्ञान ओझा को कच दे बठे। बगलादेश हार गया था लेकिन दशकों ने तालिया बजाकर इस बलेबाज का अभिवादन किया। भारत की ओर से अमित मिश्रा ने चार विकेट झटके।

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