मिहला हाकी िखलािडयों ने भी दी बगावत की धमकी
नइ िदली। मिहला हाकीटीम की िखलाडी इस बात से काफी दुखी है िक पुष आर महिलाआें के िलये हाकी इिडया के गठन के बावजूद उनके साथ सातेला बताव किया जा रहाहै आर सीिनयर िखलािडयों का कहना है िक अगर बगावत करके ही हक वापस िमलता ह, तो वे इसके लिये भी तयार ।
हाकी इिडयाकी अयक्ष वाि टोस ने महिला हाकी की दशा के बारे में पूछने पर कहा कि हम भी महिला खिलाडियों की तिभा आर उपलधि से वाकिफ ह आर उनके लिये बदोबत करने में जुटे ह। सबको पता ह कि हाकी इडिया के पास इतना पसा नहीं ह कि वह तुरत सभी की जरतों को पूरा कर सके लेकिन हमने सरकार आर सबधित विभागों को इस बारे में के बारे प लिखे ह। टोस ने कहा ऐसा नहीं ह कि विरोध करने आर दबाव डालने से सब चीजों का हल निकल जाता ह इसके लिये सबका आपस में बातचीत करना जरी ह। इस समया के समाधान में महिने दो महिने का समय लगेगा। पूव कतान ममता खरब ने कहा कि हमने अभी बगावत या बहिकार शु नहीं किया ह लेकिन आज से हम भोपाल में चल रहे विव कप के शिविर में विरोध वप काली पयाि बाध कर खेलेंगे। इसके अलावा हमने खिलाडियों के नाम से बकों में खाता भी खुलवाया ह ताकि जो खेल ेमी महिला हाकी की मदद कर करना चाहे तो वह कर सकता ह।
हाल में पुष हाकी टीम ने मचों के भुगतान की माग करते हए २८ फरवरी से दिली में होने वाले विव कप की तयारी के लिये लगे शिविर का बहिकार कर दिया था आर इस विरोध में महिला हाकी टीम उनके साथ थी। अब भारतीय ओलपिक सघ (आइओए) के अयक्ष सुरेश कलमाडी ने पुष टीम को उनका भुगतान दे दिया ह, लेकिन महिला खिलाडियों की किसी ने कोइ सुध नहीं ली।
ममता ने कहा कि हम पुष खिलाडियों की बगावत में उनके साथ थे, लेकिन जब उनके लिये भुगतान की घोषणा हइ तो हमें भी ऐसा ही आवासन दिया गया। हमें भी उमीद थी। अब उहें (पुष खिलाडियों) को पसा मिल गया ह, लेकिन हमारी कोइ सुध नहीं ले रहा। अनुभवी खिलाडी दीपित मूति ने कहा कि हालाकि हम लडना नहीं चाहते, लेकिन हम अपने खेल से यार करते ह आर अगर बगावत करके ही हक मिलता ह तो पूरी टीम इसके लिये तयार ह। इस अनुभवी खिलाडी ने कहा कि हम खिलाडी ह आर हम अछा दशन करना चाहते ह। हमें अपने हक के लिये बारबार भी, यों मागनी पडे।
हमें हाथ फलाना अछा नहीं लगता। अतराटीय हाकी महासघ (एफआइएच) ने भारत में विव कप की मेजबानी के लिये शत रखी थी कि देश को महिला आर पुष दोनों को मिलाकर हाकी इडिया का गठन करना होगा आर इसके बाद से ही भारतीय महिला हाकी महासघ को खम कर महिला टीम को हाकी इडिया में शामिल किया गया, लेकिन महिला खिलाडियों को इससे कोइ फायदा नहीं दिख रहा।
