िसर्फ चार टेस्ट के साथ भारत का नबर वन बने रहना मुसिकल : हडली
नइ दीिल । दुिनया के सवकािलक महान आलराउडरों में शुमार यूजीलड के िदगज सर रिचड हडली ने भारत को टेट किकेट की नबर एक टीम बनने का हकदार तो बताया, लेकिन साथ ही कहा कि २०१० में सिफ चार टेट मच के साथ महें सिंह धोनी ने लिये आइसीसी रकिंग में अपना शीष थान बचाना आसान नहीं होगा। भारतीय टीम पिछले साल तीन टेट की घरेलू श्रखला में श्रीलका को २० से हराने के बाद दक्षिण अफीका को पछाडकर टेट किकेट की शीष टीम बनी थी, लेकिन आइसीसी रकिंग की कमश: दूसरे आर तीसरे थान की टीम दक्षिण अफीका आर आटेलिया के मुकाबले २०१० में काफी कम टेट खेलने के कारण उसका शीष थान पर बरकरार रहना मुकिल ह।
हडली ने सवाददाताआें को दिये साक्षाकार में कहा कि भारत पिछले कुछ समय में काफी अछे दशन के दम पर दुनिया की नबर एक टीम बना ह, लेकिन २०१० में सिफ चार टेट के साथ शीष पर बने रहना काफी मुकिल होगा।
उहोंने कहा कि भारतीय टीम आम तार पर साल में १२ से १५ टेट खेलती ह, लेकिन शायद २०२० आर एकदिवसीय मचों की छाया के कारण कम मच खेलने पड रहे ह। ऐसी थिति में आगे निकलना या शीष पर बने रहना मुकिल होगा।’ यूजीलड की ओर से ८६ टेट में ३१२६ रन आर ४३१ विकेट चटकाने वाले इस पूव आलराउडर ने कहा कि नबर एक बने रहने के लिए विदेशी सरजमीं पर जीतना आर रिजव खिलाडियों का पूल बनाना जरी होगा।
निवेश की बेहतर पसद के तार पर अपने देश यूजीलड का चार करने यहा आये हडली ने कहा कि नबर एक बने रहने के लिए आपको अपमहाीप के बाहर अधिक मच जीतने होंगे अगर आप विदेशी सरजमीं पर अछा दशन करने में विफल रहते हो तो आटेलिया आर दक्षिण अफीका जसी टीम आपको शीष से हटा देंगी। हर टीम आपको हराना चाहेगी आर आपको लगातार इनके दबाव का सामना करना होगा।
उहोंने कहा कि इसके अलावा शीष पर बने रहने के लिए आपको कमसेकम १० तेज गेंदबाजों के पूल की जरत होगी। लगातार किकेट के कारण खिलाडियों को चोट लगना आम बात ह, इसके अलावा तेज गेंदबाजों को आराम देना भी जरी ह, जिसमें कारण आपको अतराीय तर के १० गेंदबाजों के पूल की जरत होगी, जो एक गेंदबाज के हटने पर अहम मचों में उनकी जगह ले सकें।’ हडली ने उमीद जताइ कि अतराीय किकेट में ८९ शतक (४४ टेट आर ४५ एकदिवसीय) माटर लाटर सचिन तेंदुलकर १०० शतक का सकडा पूरा करने में सफल रहेंगे, लेकिन इसके लिए इस भारतीय दिगज को अपनी ऊजा बचानी होगी।
उहोंने कहा, ‘वह बेहतरीन खिलाडी ह। वह माटर ह आर उसका रिकाड इसका गवाह ह। उमीद करता ह कि वह १०० शतक बनाने में सफल रहेगा, लेकिन इसके लिए उसे अपनी ऊजा बचानी होगी। इसके अलावा फिटनेस भी काफी अहम भूमिका निभाएगी।यह पूछने पर कि या सभवत: अपने करियर के अतिम पडाव पर चल रहे तेंदुलकर, विड आर लमण के सयास के बाद भारतीय टीम को आटेलिया की तरह बुरे दार का सामना करना पडा सकता ह, हडली ने कहा कि यह निरतर किया ह आर सबको इसका सामना करना पडता ह।
उहोंने कहा कि यह खेल का हिसा ह। आपको एक निचित समय के बाद अपने अनुभवी खिलाडियों को गवाना पडता ह। कोइ भी खिलाडी टीम के साथ हमेशा के लिए नहीं जुडता। यह वाभाविक किया ह आर खिलाडी आते जाते रहते ह।’
