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टेस्ट िककेट के ाप से छेडछाड के िखलाफ है हडली

Swatantra Vaartha  Fri, 29 Jan 2010, IST

टेस्ट िककेट के ाप से छेडछाड के िखलाफ है हडली

नइ दीली । अतराीय किकेट परिषद (आइसीसी) जहा टवेंटी२० किकेट की बढती लोकयिता के बीच टेट किकेट का अतिव बचाने के लिए इसमें कुछ बदलाव करने पर विचार कर रहा ह वहीं दुनिया के सवकालिक महान आलराउडरों में शुमार यूजीलड के सर रिचड हडली खेल के इस पारपरिक ाप से किसी भी तरह की छेडछाड के खिलाफ।

आइसीसी टेट किकेट को अधिक लोकयि बनाने के लिए दिनरा टेट, टेट किकेट को पाच दिन की जगह चार दिन करना, गुलाबी गेंद का इतेमाल आदि की सभावनाए तलाश रहा ह, लेकिन कइ पूव किकेटरों ने खेल की वविक सथा के इस कदम की आलोचना की ह आर इस कडी में हडली नया नाम ह। हडली ने ‘सवाददाताआें’ को दिये साक्षाकार में कहा, ‘म परपरावादी ह आर मेरी नजर में टेट किकेट सफेद कपडों में लाल गेंद के साथ ही खेला जाता ह। म दिनरा टेट के पक्ष में भी नहीं ह योंकि इसके लिए इस ाप में आमूलचूल बदलाव करने होंगे।’

उहोंने कहा, ‘दिनरात के टेट के लिए आपको सभवत: रगीन कपडों का इतेमाल करना पडेगा आर किसी अय रग की गेंद का उपयोग करना होगा। हम यह नहीं कह सकते कि इसका खेल पर या असर पडेगा आर या इन हालातों में उपयोगी होने वाली गेंद बनाना सभव होगा।’

यूजीलड की ओर से ८६ टेट में ३१२४ रन आर ४३१ विकेट चटकाने वाले इस आलराउडर का मानना ह कि दिनरात के टेट में किसी एक टीम को अनुचित फायदा मिल सकता ह। हडली ने कहा, ‘दिन आर रा के टेट में परिथितियों में काफी तेजी से बदलाव आ सकता ह, जिससे टीमों का दशन भावित हो सकता ह। परिथितियों में बदलाव के कारण किसी एक टीम को नुकसान उठाना पड सकता ह, जबकि दूसरी को अनुचित फायदा मिल सकता ह।’

उहोंने कहा, ‘रात को बलेबाजी करने वाली टीम को ओस का भी सामना करना होगा, जबकि इसका गेंद पर या असर पडेगा यह कोइ नहीं जानता। रात को क्षेरक्षण में भी परेशानी हो सकती ह आर अगर खिलाडी अधिक कच छोडते ह तो मुझे हरानी नहीं होगी।’

यूजीलड के इस आलराउडर ने टेट किकेट को पाच की बजाय चार दिन का करने का भी विरोध किया, उहोंने कहा, ‘म टेट मचों को चार दिन का करने के पक्ष में भी नहीं ह योंकि इससे हमें रचनामक आर सकारामक कतानी देखने को नहीं मिलेगी।’ हडली ने कहा, ‘चार दिन का टेट पिनरों को भी खम कर देगा आर हमें अधिक पिनर देखने को नहीं मिलेंगे योंकि उनकी भूमिका सीमित हो जाएगी। पिनरों की भूमिका आमतार पर पिच के टूटने के बाद पाचवें दिन अहम होती ह लेकिन चार दिन के टेट में उहें यह माका नहीं मिलेगा।’

हडली अपायरों के फसलों की विवादापद रफरल णाली (डीआरएस) के भी आलोचक ह आर उनका मानना ह कि फसला करने का अधिकार मदान पर खडे अपायर को ही होना चाहिए।

उहोंने कहा, ‘सभी फसले करने का अधिकार मदान पर खडे अपायर के ही पास होना चाहिए। डीआरएस में तीसरे अपायर को रीले देखकर फसला लेना होता ह, जिसमें समय बबाद होने के साथ बडी चूक की आशका बनी रहती ह।’ हडली ने वीकार किया कि टवेंटी२० की लोकयिता से टेट किकेट ने दशक खोये ह, लेकिन उहोंने साथ ही कहा कि किकेट के इस पारपरिक ाप को टी२० से कोइ खतरा नहीं ह।

उहोंने कहा, ‘टवेंटी२० तेजी से बढ रहा ह आर यह खिलाडियों के लिए वाीिय दार पर फायदेमद ह, लेकिन दुनिया भर के अधिकाश किकेटर अब भी टेट किकेट को ही सर्वो मानते ह। वनडे किकेट भी अहम ह आर इसकी अपनी जगह ह।’ यूजीलड के इस पूव आलराउडर ने कहा, ‘लेकिन हमें टी२० को टेट आर वनडे पर हावी होने से रोकना होने आर इसके लिए जरी ह कि शासक तीनों ापों में सतुलन बनायें।

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