गागुली को भी नहीं बशा था ‘शरारती’ युवराज ने
नइ दिली किकेट के मदान पर विरोधी गेंदबाजों की धजिया उडाने वाले आकामक बलेबाज युवराज सिंह ने एक बार अपनी ‘शरारत’ से अपने ही कतान सारव गागुली के भी छके छुडा दिये थे।
युवराज ने आज मुबइ में लाच अपनी वेबसाइट खुलासा किया कि उहोंने आर टीम इडिया के उनके साथी हरभजन सिंह ने कसे एक बार अपने कतान सारव गागुली की खिंचाइ की थी। बायें हाथ के इस बलेबाज ने बताया कि भजी (हरभजन) आर मने दादा (गागुली) की टाग खींचने का फसला किया।
हमारे हाथ ेस विज्ञति का फाम लग गया, जिसका इतेमाल कतान आर बोड अधिकारी आधिकारिक बयान के लिए करते ह। उहोंने कहा कि हमने इस पर पूरा बयान टाइप कर दिया जिसमें वह तिबता की कमी आर खेल को गभीरता से नहीं लेने पर भजी आर मुझे लताड लगा रहे थे। हमने ेस विज्ञति पर दादा के जाली हताक्षर भी कर दिये।
युवराज ने कहा कि इसी शाम टीम बठक के दारान भजी आर म दादा के पास पहच गये आर हमारे बारे में उनके बयान पर निराशा जताने लगे। उहें कुछ नहीं पता था कि हम या कह रहे ह जिस पर हमने उहें ‘ेस विज्ञति’ साप दी। दादा हरान आर निशद थे। वह निराश लग रहे थे। उहोंने सोचा कि यह टीम के खिलाफ षडय ह। वह इस बारे में हमसे बात करने में पीडा महसूस कर रहे थे। उहोंने कहा, इसके बाद भजी आर म आर फिर बाकी लडके भी हसने लगे। दादा के चेहरे पर जो भाव थे वह देखने लायक थे। यह डेसिंग म की हमारी सबसे अछी यादों में से ह जिस पर हम अब भी बात करते ह आर हस देते ह।
युवराज ने यह भी खुलासा किया कि लोगों को लगता ह कि म शु से बेहतरीन फीडर ह,लेकिन ऐसा नहीं ह। पह बरस की उम में मुझे रणजी टीम से बाहर कर दिया गया था योंकि म लचर फीडर था। इसके बाद मने इसे चुनाती के प में लिया आर फीडिग में सुधार करके इस मुकाम तक पहचा।
उहोंने यह भी बताया कि करियर के शुआती दार में वह आलोचना से काफी परेशान हो जाते थे, लेकिन समय के साथ उहोंने इसका सामना करना सीख लिया। उहोंने कहा कि पिछले दस साल में कइ बार मुझे दुख होता था जब लोग यह नहीं समझ पाते थे कि कोइ खिलाडी हर मच नहीं जिता सकता या हर मच में सकडा नहीं ठोक सकता। यह आर भी दुखदायी होता ह जब लोग मदानी विफलता को निजी जिंदगी के घटनाकम से जोड देते ह।
युवराज ने कहा कि साथक आलोचना आर दोषारोपण में मामूली फक होता ह, लेकिन कइ बार लोग यह सीमा लाघ देते ह। पहले मुझे इससे काफी दुख होता था, लेकिन परिपव होने के साथ म समझ गया ह कि असर भावावेग में आकर इस तरह की टिपणिया कर दी जाती ह। सचिन तेंदुलकर को बडा ेरणााेत मानने वाले इस बलेबाज ने खुलासा किया ह कि सचिन के साथ मिलकर टीम इडिया को जीत तक पहचाना उनका पुराना सपना था, जो पिछले साल इलड के खिलाफ चेनइ टेट में पूरा हआ।
उहोंने कहा कि सचिन पाजी मेरे लिये ेरणााेत रहे ह। मेरा पुराना सपना था कि उनके साथ मिलकर टीम को जीत तक ले जाऊ। यह पिछले साल इलड के खिलाफ चेनइ टेट में पूरा हआ। मुबइ हमलों के बाद यह पहला टेट था। चाथी पारी में रिकाड लय का पीछा करते हए हमने जीत दज की आर उस पारी को म कभी नहीं भुला सकूगा।
