नंबर वन का दर्जा बरकरार रखने उतरेगा भारत
नागपुर। खिला़डयों की चोट से परेशान भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में अपना नंबर वन का दर्जा बरकरार रखने के इरादे से कल से शुरू हो रही दो मैचों की श्रृंखला में दूसरे स्थान पर काबिज दक्षिण अफ्रीका से भ़िडेगी।
श्रृंखला जीतने से भारत आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में अपनी बादशाहत बरकरार रखेगा। श्रृंखला ड्रा रहने पर भी भारत नंबर वन पर रहेगा। भारत को इससे १७५००० डालर और आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप मेस मिलेगी। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम का अपनी धरती पर बेहतरीन रिकार्ड है लेकिन इस श्रृंखला से पहले उसके मध्यक्रम की हालत खराब है। राहुल द्रव़िड और युवराज सिंह चोट के कारण श्रृंखला से बाहर हैं।
द्रव़िड को बंगलादेश दौरे पर जब़डे में फ्रेक्चर हो गया था, जिससे तीसरे नंबर का स्थान खाली हो गया है। द्रव़िड १९९६ में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के बाद से सिर्फ एक टेस्ट में टीम से बाहर रहे हैं। मध्यक्रम के बल्लेबाज वीवीएसलक्ष्मण के अनफिट होने से समस्या और ब़ढ गई है। उनकी ऊंगली में चोट है और मुंबई के बल्लेबाज रोहित शर्मा को उनके कवर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। यदि लक्ष्मण फिटनेस टेस्ट में नाकाम रहते हैं, तो भारत को रोहित और एसबद्रीनाथ को उतारना होगा।
अंतिम एकादश में मुरली विजय भी रहेंगे। धोनी के जेहन में तीसरे नंबर को लेकर दुविधा रहेगी। इसके साथ ही टेस्ट कप्तान के रूप में अपना अजेय रिकार्ड बरकरार रखने की सबसे ब़डी चुनौती भी उनके सामने होगी। अभी तक धोनी ने ११ टेस्ट में भारत की कप्तानी की है, जिनमें से आठ भारत ने जीते और बाकी ड्रा रहे।
डेल स्टेन की अगुवाई में दक्षिण अफ्रीका के त्रिकोणीय तेज आक्रमण का मुंहत़ोड जवाब देना भी वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर के लिये क़डी चुनौती होगी। सहवाग ने चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ २००८ में ३१९ रन की पारी खेली थी दक्षिण अफ्रीकी टीम को हालांकि दिल्ली के इस आक्रामक बल्लेबाज के बल्ले पर अंकुश लगाने में कामयाब रहने का पूरा यकीन है।
द्रव़िड और युवराज की गैर मौजूदगी में सचिन तेंदुलकर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी रहेगी। उनका साथ देने के लिये धोनी हैं जो शानदार फार्म में भी है। भारत के लिये अच्छी बात उसके तेज गेंदबाजों जहीर खान और इशांत शर्मा का शानदार फार्म है। एसश्रीसंत का नाम भी घायलों की सूची में है, लेकिन दिल्ली के युवा गेंदबाज इशांत ने अपनी खोई लय हासिल कर ली है। जहीर और इशांत भारत के लिये नई गेंद संभालेंगे, जबकि ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी उठायेंगे। उनके साथ लेग स्पिनर अमित मिश्रा या प्रज्ञान ओझा होंगे।
दूसरी ओर जोहान्सबर्ग टेस्ट जीतकर इंग्लैंड से श्रृंखला ड्रा कराने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम के हौसले बुलंद हैं। प्रारंभिक ज़ोडी को छ़ोडकर उसका बल्लेबाजी क्रम भी जबर्दस्त है। सलामी बल्लेबाज एशवैल प्रिंस का पिछली तीन पारियों में सिर्फ ६८ रन बना सके हैं। वह कल कप्तान ग्रीम स्मिथ के साथ पारी की शुरुआत करेंगे। जैक्स कैलिस जैसे अनुभवी बल्लेबाज के रूप में दक्षिण अफ्रीका के पास तीसरे नंबर पर एक संकटमोचक है जिसका ८१ टेस्ट में ५० से अधिक का औसत है। डरबन में जन्में हाशिम अमला स्पिन को खेलने का शऊर बखूबी जानते हैं। उन्होंने २००८ में ६१ से अधिक की औसत से ३०८ रन बनाये थे। एबी डिविलियर्स ने पिछले दौरे पर अहमदाबाद में दोहरा शतक ज़डा था। इसके अलावा मध्यक्रम में जेपी डुमिनी और विकेटकीपर मार्क बुचर तो हैं ही।
टीमें : भारत : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, मुरली विजय, सचिन तेंदुलकर, वीवीएसलक्ष्मण, एसबद्रीनाथ, हरभजन सिंह, जहीर खान, इशांत शर्मा, अमित मिश्रा, सुदीप त्यागी, प्रज्ञान ओझा, अभिमन्यु मिथुन, रिधिमान साहा, रोहित शर्मा (लक्ष्मण के कवर के रूप में)
दक्षिण अफ्रीका : ग्रीम स्मिथ, हाशिम अमला, जोहान बोथा, मार्क बुचर, एबी डिविलियर्स, जेपी डुमिनी, पाल हैरिस, जैक्स कैलिस, रियान मैकलारेन, मोर्नी मोर्कल, वेन पार्नेल, अल्विरो पीटरसन, एशवैल प्रिंस, डेल स्टीन, एस सोटसोबे।
