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यूसुफ पठान ने पश्चिम को दिलाई रिकार्ड जीत

Swatantra Vaartha  Sun, 7 Feb 2010, IST

यूसुफ पठान ने पश्चिम को दिलाई रिकार्ड जीत

हैदराबाद। यूसुफ पठान के आक्रामक दोहरे शतक की बदौलत पश्चिम क्षेत्र ने आज यहां प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ५३६ रन के रिकार्ड लक्ष्य को हासिल करते हुए दलीप ट्राफी फाइनल में तीन विकेट की रोमांचक जीत दर्ज की।

यूसुफ ने नाबाद २१० रन की पारी के साथ अपने कैरियर का पहला दोहरा शतक जमाते हुए पश्चिम क्षेत्र को सात विकेट पर ५४१ रन तक पहुंचाकर १६ वीं बार दलीप ट्राफी चैंपियन बनाया। यूसुफ के दोहरे शतक की मदद से पश्चिम क्षेत्र ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास का (२००३०४ में श्रीलंका की घरेलू सत्र में कैंडी में मध्य प्रोविंस व दक्षिण प्रोविंस के बीच नौ विकेट पर ५१३ रन के) सबसे ब़डे लक्ष्य के रिकार्ड को त़ोडा, लेकिन यह सात विकेट पर ५४१ रन चौथी पारी का सबसे ब़डा स्कोर नहीं है। टीमों ने अतीत में चौथी पारी में इससे अधिक रन बनाये हैं, लेकिन जीत दर्ज नहीं कर सकी। इंग्लैंड ने १९३८३९ में डरबन में दअफ्रीका के खिलाफ ६९६ रन के लक्ष्य के जवाब में पांच विकेट पर ६५४ रन बनाये थे। मैच दिन के बाद ड्रा रहा था। महाराष्ट्र ने १९४८४९ में पूना में बंबई के खिलाफ ९५९ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ६०४ रन बनाये थे।

पश्चिम क्षेत्र आज जब छह विकेट पर ३७९ रन से आगे खेलने उतरा तो सब कुछ यूसुफ पर निर्भर था और उन्होंने टीम को निराश नहीं किया। दक्षिण क्षेत्र की इस हार के लिए उसके खिल़ाडी ही खुद ही जिम्मेदार हैं। दक्षिण के खिला़डयों ने यूसुफ को पांच बार जीवनदान दिया,जिसमें तीन कैच तो बहुत ही आसान थी।

आज सुबह ८४ रन के निजी स्कोर पर पीनल शाह के साथ बल्लेबाजी करने उतरे यूसुफ ने सुबह गणपति की पहली की गेंद पर एक्सट्रा कवर पर चौका ज़डकर शुरुआत की। यूसुफ ने एल्फ्रेड एबसोलेम के अगले ओवर में फिर चौका ज़डकर शतक की ओर से अपनी गति तेज की। पठान ने गणपति की गेंद पर प्वाइंट चौका ज़डकर अपना शतक पूरा किया। १०२ रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्हें जीवनदान मिला,जब गणपति ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच छ़ोडा। वहीं दूसरे छोर पर पीनल शाह ने यूसुफ का अच्छा साथ निभाते हुए स्ट्राइक को अच्छी तरह रोटेट किया। शाह ने सुबह के सत्र में ४० गेंदों में मात्र छह रन बनाए। दक्षिण क्षेत्र के कप्तान कार्तिक इस ज़ोडी को त़ोडने के लिए लगातार अपनी रणनीति में बदलाव करते रहे। कार्तिक की रणनीति सफल भी रही,जब औशिक श्रीनिवास की बाहर जाती गेंद पर यूसुफ ने अपना बल्ला अ़डाया और गेंद बैकवर्ड प्वाइंट में सीधे पवन के हाथ में आयी,लेकिन वे उसे नहीं पक़ड सके। उस समय यूसुफ ने १२५ रन बनाये थे। इस बीच यूसुफ के पैर में क्रैंप आया, लेकिन इसके बावजूद उसने स्कोर को चलायमान रखा। बाई रनर के रूप में आए छोटे भाई इरफान ने यूसुफ का हौसला ब़ढाते रहे। यूसुफ गणपति की गेंद पर एक बार फिर बालबाल बचे, जब विकेटकीपर मुरलीधरन ने उनका आसान कैच छ़ोडा। उस समय उनका स्कोर १७० रन था।

यूसुफ ने शाह के साथ सातवें विकेट के लिए १०५ रन ज़ोडे थे कि रोहन प्रेम ने अपनी ही गेंद पर पीनल का कैच लपक कर दक्षिण को पांचवें दिन की पहली सफलता दिलाई। शाह ने ११६ गेंद में सिर्फ १६ रन बना सके।पीनल के आउट होने के बाद रमेश पोवार यूसुफ का साथ निभाने आए। इस सत्र में अपनी बल्लेबाजी में काफी सुधार करने वाले पोवार ने २८ गेंदों में १८ रन बनाए। वहीं दूसरे छोर पर युसूफ ने ११०५२ के स्ट्राइक रेट से २१० रन बनाये और इसके लिए१९० गेंद का सामना किया। उनकी पारी में १९ चौके और दस छक्के शामिल हैं।

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