हैदराबाद। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री के रोसैया का कहना है कि राज्य विधानसभा में तेलंगाना राज्य की मांग पर प्रस्ताव लाने के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री रोसैया ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने मुझसे कहा है कि वह सही समय आने पर मुझे विधानसभा में तेलंगाना प्रस्ताव लाने की सलाह देंगे। अभी तक मुझे प्रस्ताव लाने के बारे में कोई लिखित अथवा मौखिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वह राज्य के घटनाक्रम के बारे में लगातार पार्टी आलाकमान को अवगत करा रहे हैं। नई दिल्ली में हमारे नेता संकट का समुचित समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्री के तेलंगाना पर बयान से आंध्र के तटीय तथा रायलसीमा क्षेत्रों में तनाव फैल गया है। कांग्रेस आलाकमान ने इस पर ध्यान दिया है और गंभीरता से इस पर विचार किया जा रहा है।
कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनका सहयोगी होने के नाते मुझे वाकई इस बारे में चिंता है। लेकिन अभी तक इस्तीफे मंजूर नहीं हुए हैं। कांग्रेस ऐसी स्थितियों का समाधान करने में सक्षम है। उचित समय आने पर पार्टी इसका समाधान निकालेगी। उनसे पूछा गया कि क्या उनकी सरकार 70 से अधिक विधायकों के इस्तीफे के बाद अल्पमत में आ गई है। उनका कहना था कि इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद ही ऐसी स्थिति आएगी। उन्होंने कहा कि तेदेपा और पीआरपी जैसी अन्य पार्टियों के विधायकों ने भी इस्तीफे दिए हैं इसलिए मैं नहीं सोचता कि सरकार अल्पमत में होगी।
रोसैया ने कहा कि वह तेलंगाना मुद्दे पर गौर करने के लिए उनके पूर्ववर्ती वाई एस राजशेखर रेड्डी द्वारा गठित विधायकों की समिति को पुर्नगठित करने के बारे में सोच रहे हैं।
इस बीच अलग तेलंगाना राज्य के गठन की घोषणा को लेकर गैर तेलंगाना क्षेत्रों में जबरदस्त विरोध पैदा हो गया है जिसके चलते शुक्रवार को दिनभर के बंद का आह्वान किया गया है। इन सब मुद्दों को देखते हुए रोसैया ने शांति की अपील की और सभी दलों से संकट के समाधान में सहयोग मांगा।
तेलंगाना के रूप में अलग राज्य बनाए जाने के केंद्र के फैसले के विरोध में बड़ी संख्या में विधायकों के इस्तीफों के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रौसैया ने शुक्रवार को शांति की अपील की और सभी दलों से संकट के समाधान में सहयोग मांगा।
रोसैया ने कहा कि सभी दलों को मुद्दे का समाधान निकालने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें खबरें मिल रही हैं कि तटीय आंध्र क्षेत्र में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस विशाखापट्टनम स्थित आंध्र यूनिवर्सिटी में प्रवेश कर गई है और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एकजुट होकर लोगों से संयम बरतने की अपील करनी चाहिए। हम सबको शांति के लिए काम करना चाहिए। तेलंगाना को अलग राज्य बनाए जाने के फैसले के बारे में उन्होंने कहा कि वह मुद्दे पर अपने विचारों और आशंकाओं से केंद्रीय नेताओं को अवगत करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों में प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
उधर, आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों के आंदोलनकारियों ने आज बंद का आह्वान किया है। बंद समर्थकों ने विरोधस्वरूप बसों को क्षतिग्रस्त किया, जगह जगह प्रदर्शन किए और सड़कों को जाम कर दिया। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में तेदेपा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्रों ने अखंड आंध्र की मांग के साथ तेलंगाना राज्य समिति प्रमुख के चंद्रशेखर राव के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राज्य के मुख्यमंत्री के रोसैया के पुतले भी फूंके।
आंध्र के तटीय हिस्से से बसों पर पथराव और सड़कों पर प्रदर्शन की खबरें हैं। वहीं पूर्वी गोदावरी जिले में प्रदर्शनकारियों ने एक बस को क्षतिग्रस्त किया और ओएनजीसी कर्मचारियों को रोक लिया। राजमुंदरी से मिल रही रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्गो पर बसों के पहिए जलाए और यातायात को बाधित भी किया।
उल्लेखनीय है कि पूर्वी गोदावरी जिले में बंद के दौरान इलाके के सभी शैक्षिक एवं वाणिज्यिक संस्थान बंद रहे। आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए एहतियातन आठ सौ से ज्यादा बसों के परिचालन स्थगित कर दिया। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार राज्य के तटीय इलाके में और रायलसीमा में रेल परिचालन पर भी प्रदर्शन का असर हुआ है। प्रशासन ने किसी भी अवांछित घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी है
