बनाओ वेबसाइट, फ्यूचर ब्राइट
वेब वर्ल्ड में रुचि रखने वाले युवाआें के लिए वेबसाइट डेवलपर एक बेहतर कैरियर एवेन्यू है। वैसे वेबसाइट डेवलपर को वेब मास्टर या वेब इंजीनियर भी कह दिया जाता है, लेकिन ध्यान रहे कि उसकी तुलना वेबसाइट डिजाइनर से नहीं की जा सकती। वेबसाइट डिजाइनर वेबसाइट के एनिमेशन और उसके ग्राफिक्स तक सीमित होता है। जबकि डेवलपर का काम डिजाइनिंग की तुलना में ज्यादा पेचीदा, लेकिन संभावनाआें से भरा होता है।
वर्क नेचर
वेबसाइट डेवलपर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होता है जो वर्ल्डवाइड वेब के लिए कुछ विशेष प्रोग्राम तैयार करता है। वेबसाइट का डाटाबेस बनाना और उसकी प्रोग्रामिंग करना, इसी व्यक्ति की जिम्मेदारी होता है। एक वेबसाइट डेवलपर को विभिन्न प्रकार की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे सी, सी++, जावा, एएसपी, पीएचपी, वीबी डॉट नेट पर काम करना होता है। कुछ स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज भी होती है जैसे पर्ल, वीबीएस स्क्रिप्ट और पीएचपी। आजकल इस फील्ड में जावा स्क्रिप्ट, डीओएम, एचटीएमएल और सीएसएस आदि टेक्नोलॉजी ज्यादा पॉपुलर है।
जॉब संभावनाएं
वेबसाइट डेवलपर को इंश्योरेंस, फाइनेंस आदि क्षेत्रों में काम मिलता है। यहां उन्हें इन्फॉरमेटिव, एंटरटेनिंग, कम्युनिकेटिव या कमर्शियल वेबसाइट्स की प्रोग्रामिंग का काम मिल सकता है। कस्टमर डिटेल्स सिक्योर करने और इन्फॉरमेटिव वेबसाइट्स में इन्फॉरमेशन अपडेट करने के लिए भी इन प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। थ़ोडे अनुभव के बाद सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट भी बना जा सकता है। यह जॉब डेवलपर की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल होती है। इसमें डिजाइनिंग थ़ोडी उच्चस्तरीय होती है। इस फील्ड के प्रोफेशनल्स कोडिंग में दक्षता हासिल करके भी बेहतर भविष्य बना सकते हैं। वेब वर्ल्ड जैसे बदलती और चैलेंजिंग इंडस्ट्री में प्रोफेशनल्स को नई लैंग्वेज सीखने के लिए भी हमेशा तैयार रहना होगा।
कैसे बना सकते हैं भविष्य
वेब वर्ल्ड में प्रवेश करने के लिए अच्छा यह होगा कि आपके पास कंप्यूटर साइंस की डिगरी हो। आमतौर पर सभी कंप्यूटर साइंस डिगरी कोर्सेज में एचटीएमएल, वेब पेज डिजाइन, वेब पेज फॉर्म्स, जावा स्क्रिप्ट, डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेशन और मल्टीमीडिया वेब पेज का ज्ञान दिया जाता है। इसके अलावा वेबसाइट बनाने के लिए कंटेंट डेवलपमेंट, कम्युनिकेशंस और मार्केटिंग पर भी फोकस करना जरूरी है। वेबसाइट प्रोग्रामिंग के बेसिक्स और अधिक से अधिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का ज्ञान, इस प्रोफेशन में उन्नति का मूल सूत्र है।
डाटाबेस मैनेजमेंट, डिस्ट्रीब्यूटेड ऑब्जेक्ट कंप्यूटिंग, स्क्रिप्टिंग, प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज और लैंग्वेजेज थ्योरी में भी महारत हासिल करना जरूरी होता है। बीएससीएस या एमएससीएस की प्रोफेशनल ट्रेनिंग लाभदायक साबित होगी। प्रोफेशनल ट्रेनिंग के दौरान छोटेछोटे वेब अप्लीकेशन बनाकर भी आप कैरियर की शुरुआत कर सकते हैं।
