नया जमाना नए प्रोफेशन
हालिया मार्केट ट्रेंड को देखें, तो जाहिर होता है कि स्टूडेंट्स अब अलग तरह के क्षेत्रों में कैरियर बनाना अधिक पसंद करते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे ही प्रोफेशंस के बारे में बता रहे हैं, जिनसे ज़ुडे लोगों की आने वाली समय में खूब डिमांड हो सकती है।
मेडिकल प्लानर
हॉस्पिटल और क्लिनिक के अलगअलग डिवीजन में काम कर रहे स्टॉफ कैसे मेडिकल प्रोटोकॉल को फॉलो करें, इसके लिए इन दिनों मेडिकल प्लानर की नियुक्ति की जा रही है। इनकी डिमांड इसलिए भी ब़ढ रही है, क्योंकि ज्यादातर लोग अब वैसे हॉस्पिटल को अधिक वैल्यू देते हैं, जहां क्वॉलिटी मेडिकल सर्विस के साथसाथ एडमिनिस्ट्रेशन भी मिलता है। यदि आपके पास एमबीबीएस की डिगरी के साथसाथ एमबीए की डिगरी भी है, तो मेडिकल प्लानर के क्षेत्र में हाथ आजमा सकते हैं। गवर्नमेंट हॉस्पिटल के अलावा इनको ब़डे प्राइवेट हास्पिटल्स में भी नियुक्त किया जा रहा है।
पेशेंट रिलेशनशिप मैनेजर
यदि आपकी कम्युनिकेशन स्किल अच्छी है और हॉस्पिटल मैनेजमेंट की डिगरी भी है, तो पेशेंट रिलेशन जॉब आपके लिए बेहतर हो सकती है। एक्सपट्र्स के मुताबिक इन दिनों पेशेंट केयर के लिए हॉस्पिटल्स में ऐसे लोगों की मांग है। पेशेंट रिलेशनशिप के तौर पर आजकल हॉस्पिटल्स के अलावा रिटेल हेल्थकेयर और इंश्योरेंस कंपनियों में भी नौकरी के अवसर होते हैं।
इनवायर्नमेंट मैनेजर
एनर्जी एफिशिएंसी और पर्यावरण के मद्देनजर इन दिनों इनवायर्नमेंट से ज़ुडे प्रोफेशनल्स की मांग ब़ढ रही है। इनका मुख्य कार्य इनवायर्नमेंट रिस्क मैनेजमेंट स्ट्रैटजी बनाना और वेस्ट मैनेजमेंट के लिए गाइडलाइन तैयार करना होता है। इस क्षेत्र से ज़ुडे प्रोफेशनल्स को कंस्ट्रक्शन, रियल इस्टेट, ऑयल एंड गैस और इनवायर्नमेंट सॉल्युशन कंपनियों में नौकरी दी जाती है। यदि आप इनवायर्नमेंट के क्षेत्र में जिओलॉजिस्ट के रूप में जॉब तलाशना चाहते हैं, तो रिलायंस, ओएनसीजी, बीपी आदि में नौकरी की बेहतर संभावनाएं हैं। इन कंपनियों में एंट्री लेवल में सैलरी करीब तीन लाख रुपए सालाना तक होती है।
इनवायर्नमेंट टॉक्सिकोलॉजिस्ट
टॉक्सिक एक्सपट्र्स विभिन्न तरह की चीजों का शरीर पर प़डने वाले केमिकल और बायोलॉजिकल असर और उनके निदान की दिशा में काम करते हैं। इनवायर्नमेंट टॉक्सिकोलॉजिस्ट का काम इस तरह की समस्या से निपटने के लिए टूल्स भी मुहैया कराना होता है। इनकी डिमांड हेल्थकेयर, पेट्रोलियम और केमिकल कंपनियों में अधिक होती है। यदि आपके पास बीई/बीटेक, बायोमेडिकल, इनवार्नमेंटल साइंस की डिगरी है, तो इस क्षेत्र में बेहतर कैरियर बना सकते हैं। इस क्षेत्र में सैलरी भी अच्छी है।
प्रोडक्ट मैनेजर वेब २०
सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ऑनलाइन गेमिंग जैसे क्षेत्र भी इन दिनों तेजी से विकास कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रोडक्ट मैनेजर को न केवल कस्टमर की जरूरतों, बल्कि मार्केट कॉम्पिटिशन, प्रोडक्ट स्ट्रैटजी, प्रोडक्ट डेवलपमेंट आदि का भी खास खयाल रखना प़डता है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तरह साइटों की संख्या लगातार ब़ढ रही है, उससे प्रोडक्ट मैनेजर की डिमांड आने वाले दिनों में ब़ढ सकती है। यदि आप एमबीए के साथसाथ डोमिन एक्सपट्र्स भी हैं, तो इस क्षेत्र मेें स्कोप की कमी नहीं है।
यील्ड मैनेजर
आपको यह जानकर थ़ोडी हैरानी होगी कि यील्ड मैनेजर एग्रीकल्चर से नहीं, बल्कि रेवेन्यू मैनेजमेंट से ज़ुडा हुआ प्रोफेशन है। यह एक तरह का एनालिटिकल जॉब है। यदि आप नंबर गेम में माहिर हैं, तो यह प्रोफेशन आपके लिए बेहतर हो सकता है, क्योंकि इस जॉब में आपको कंपनी को यह बताना होगा कि कैसे अधिक से अधिक रेवेन्यू हासिल किया जा सकता है। यदि आप ग्रेजुएट हैं, तो इस क्षेत्र में भविष्य बना सकते हैं। यदि हायरिंग की बात करें, तो टेलीकॉम, हॉस्पिटैलिटी और एयरलाइंस कंपनियों में जॉब के बेहतरीन स्कोप हैं।
एयरपोर्ट प्लानिंग मैनेजर
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक के डिप्टी डायरेक्टर सुब्रतो भट्टाचार्य बताते हैं कि इन दिनों नएनए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं और एयरलाइंस की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसी स्थिति में एयरपोर्ट प्लानिंग के क्षेत्र में कैरियर की अच्छी संभावनाएं देखी जा रही है। यदि आप ग्रेजुएट इंजीनियर हैं, तो एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया आदि में जॉब के लिए कोशिश कर सकते हैं। वैसे, रिक्रूटमेंट में अनुभवी लोगों को अधिक वरीयता दी जाती है।
