रोजगार का आकषण काल सेंटर
आज युवाऔ के लिए काल सेंटर’ नाकरी का वणिम अवसर दान कर रहे ह। जरत ह बस अपने आपको बाजार की माग के अनुसार तयार करने की।
बगलूर के एक काल सेंटर मेंमनेजर शली जन के अनुसार काल सेंटर उपादक एवमय सेतु का काम करते ह, जिसके ारा दोनों एकदूसरे के सपक में रहते ह। काल सेंटरों के जरिये उपादक अपने सबधित सभी जानकारिया उपभोकतआ को मुहया करवाकर अपने बिजनेस को आगे बढाता ।अपनी शिकायतें यहा दे सकते ह। इस तरह का फीडबक यापार को वितार देनेे के लिए आर बढाने के लिए आवयक होता ह। सच पूछा जाए तो इहें समया समाधान के सथान भी कहा जा सकता ह, जहा बडीबडी कपनिया टेलीफोन, इमेल आदि सचार मायमों के जरिये अपने गाहकों की समयाआें का समाधान करती ।
इटरनेशनल आर डोमेटिक काल सेंटर
काल सेंटरों का वर्गीकरण कायणाली तथा यापार के वप के आधार पर किया जा सकता ह इनबाउड काल सेंटस तथा आउटबाउड काल सेंटस।
इन बाउड काल सेंटस में सिफ फोन आते ह। इनमें उपभोकतआ जानकारिया हासिल करने के साथ अपनी शिकायतें भी दज करवाते ह जबकि आउटबाउड काल सेंटस में उपभोकतआ को फोन करके किसी खास ाेडट की माकेटिंग की जाती ह। माकेटिंग से सब होने के कारण ये यादा महवपूण बन जाता।
इटरनेशनल काल सेंटस वो काल सेंटर ह, जो भारत में विदेशों में थित कपनियों एव विदेशी गाहकों के लिए काम करते ह। ‘पेटा माइड’ ‘दक्ष’, ‘कनवजित’ इयादि काल सेंटरों की दुनिया के कुछ ेटीजियस नाम ह। इटरनेशनल काल सेंटस में कायरत कमचारियों को गाहकों के साथ सवाद उहीं के देश की भाषा में करना पडता ह। इसके लिए उहें उनके देश की भाषा, बोलचाल के लहजे पर कमाड जरी ।
कोलकाता के एक काल सेंटर में काम करने वाले निशित एव ललिता को कपनी में अपना नाम निशे एव लोलिता रखना पड रहा ह। निशित के मुताबिक दिन में वो निशित आर रात में आन डयूटी निशे के नाम से जाना जाता ह। ऐसे ही ललिता देश में ललिता आर विदेश में यानी कि जब आन डयूटी होती ह, तब लोलिता बन जाती ।
इटरनेशनल काल सेंटस का नेटवक बहत वितत ह। इसलिए यहा बहत लोगों को काम मिल जाता ह। डोमेटिक काल सेंटस का नेटवक सीमित होने से यहा जाब की सभावनाए इटरनेशनल काल सेंटर के मुकाबले मे कम ह।
नाकरी के लिए योयताए
काल सेंटस में नाकरी पाने के लिए सही उारण के साथ सही लहजे में अगेजी बोलना आना पहली शत ह। काल सेंटर में नाकरी के इछुक उमीदवारों को टेनिंग देने वाले एक सथान की डायरेटर रोशनी तलवानी के अनुसार एजुकेशनल ालिफिकेशन के हिसाब से काले सेंटस में गेजुएट युवाआें की डिमाड रहती ह, लेकिन कहींकहीं अछे पलिक कूलों के इटरमीडिएट पास युवाआें को भी चास मिल जाता ह। इहें सथान वाले केश टेनिंग देकर अगेजी बोलने का सही लहजा आर प उारण सिखा देते ह। कयूटस की भी विविध जानकारिया दी जाती ह। यहा रोजगार के अवसर सिफ आर सिफ युवाआें के लिए ही ह।
असामाय कायविधि
अछे पेकेल, एसपोजर तथा अछी शुआत आर पसनेलिटी गूमिंग का आकषण युवाआें को काल सेंटस की ओर आकषित करता ह इटरनेशनल काल सेंटस में तो वेतन साढे सात हजार से शु होकर चालीस हजार तक मिल जाता ह। यहा दतर आनेजाने को कब की सुविधा के साथसाथ खानेपीने की निशुक सुविधा के फायदे भी मिलते ।
लेकिन इन सबके बावजूद यहा युवा अधिक दिन तक नहीं रहना चाहते। ४० फीसदी लोग सालभर में ही दूसरी नाकरी ढूढने लगते ह। यहा का काय इस तरह का ह, जो शरीर आर मन दोनों को बुरी तरह थका देता ह। पहचान बदलने का नाटक मनोवज्ञानिक प से य की साइकी पर असर डालता ह। दो पहचानों के साथ जीना आसान नहीं होता। बारह घटे की शिट के चलते युवाआें को सिरदद, आखों पर टेस, मयुलर पेन इयादि झेलना पडता ह। नींद न आना, पाचन किया की गडबड, तनाव, डेिशन जसे रोग घेर लेते ह। युवतियों का कइ बार मासिक चक गडबडाने लगता ।
आज की जिंदगी में करियर आर पसा ही अहम ह, इसलिए काल सेंटस की चमक, शानदार जिंदगी का बाहय प युवाआें को बुरी तरह लुभा रहा ह, बावजूद उपरो सब समयाआें के। इसके अलावा रात की पारी का टीन, रितों खासकर पति पनी के रितों को सबसे यादा हानि भी पहचा रहा।
परफेट रियूमे के राज
कायक्षे की दुनिया में आपका रियूमे आपका दूत हो सकता ह। ये आपके लिए अनेक आचयजनक अवसरों जिनके बारे में आप जानते भी नहीं ह, के ार खोलने में सहायक हो सकता ह। रियूमे एक ऐसी चीज ह जिस पर एलोयर सबसे पहले निगाह डालता ह। इसी के आधार पर ये तय किया जाता ह कि आप उस सथान में काम के योय ह अथवा नहीं। यादातर आपके रियूमे पर निगाह डालने के लिए १० से १५ सेकेड का समय लेते ह। वे केवल कुछ चुनिंदा रियूमेज को ही ठीक से देखते ह। इसलिए आपको ये तय करना होगा कि आपका रियूमे अय कागजों में ही शामिल न हो जाए। अछे आर परफेट रियूमे का राज इन बातों में ह कि आपने उसमें याया, कितनी बुमािनी से शामिल किया ह, आपका रियूमे पठनीय ह अथवा नहीं।
सबसे अधिक खास बात ये ह कि आपके पूरे रियूमे का तुतिकरण कसा ह।रियूमे को करिकुलम विटाइ (सीवी) भी कहते ह। अमरीकन इलिश में रियूमे आर बिटिश इलिश में करिकुलम विटाइ कहा जाता ह। ये एक ऐसा डायूमेंट होता ह, जिसमें सबधित कायानुभव व शिक्षा का यारा रहता ह। रियूमे कइ तरह के होते कोनोलाजिकल या कालानुकम रियूमे
रियूमे के इस फारमेट में कायानुभव पर विशेष जोर दिया जाता ।
आपका काय से सबधित इतिहास विपरीत कालानुकम में लिखा जाता ह। जिसमें आपके ताकालिक काय को सबसे ऊपर लिखा जाता ह। जब कभी आप साक्षाकार के लिए जाते ह तो आपके रियूमे को देखकर ये पता लगाया जा सकता ह कि आपने या काम किया ह, किस कपनी के साथ किस तरह का काम किया ह आर कितने लबे समय तक काम किया ह। इसे देखकर आपकी उति का भी अनुमान लगाया जा सकता ।
ये रियूमे की बहत कामन टाइल ह। लेकिन ऐसे लोगों को जिहोंने कहीं काम नहीं किया ह या जो फेशर ह उहें इस तरह का रियूमे तयार नहीं करना चाहिए। ऐसा रियूमे उनके कायानुभव न होने की कमी बताता ह। काम का अनुभव ले चुके लोगों को इस तरह का रियूमे तयार करना चाहिए।
फशनल या कायामक रियूमे
इस फारमेट में आपकी उपभोकतआ व उपलधियों को तरजीह दी जाती । रियूमे की शुआत में आपकी क्षमताआें व पूवकायानुभव (जिसमें शक्षिक अनुभव भी शामिल ह) दिया जाता ह। इस तरह के रियूमे से किसी विशेष काय के लिए आपकी योयता व काय से सबधित शक्षिक योयता का आकलन किया जा सकता ह। इस तरह के रियूमे में आप अपने कायानुभव के थान पर अपनी खूबियों को अधिक महव दे सकते ह। कायानुभव न होने पर, इसे छुपाने के लिए इस तरह का रियूमे तयार किया जाता ।
काबिनेशन या मिलाजुला रियूमे
इस तरह के रियूमे का इन दिनों बेहद इतेमाल हो रहा ह। ये ऊपर दिए दोनों कार के रियूमे का मिलाजुला प होता ह। काबिनेशन रियूमे सामाय प से एक फशनल रियूमे होता ह, जिसमें सक्षि में आपका काय सबधी इतिहास व अनुभव भी शामिल होता ह। इस तरह के रियूमे से आपकी शक्षिक योयता व कायानुभव दोनों की जानकारी मिल जाती ह।
आप रियूमे तयार करने के लिए किसी भी फारमेट का इतेमाल कर सकते ह। लेकिन ये सुनिचित कर लें कि उसमें गलतिया नहीं हों।
कुछ महवपूण टिस
एलोयर या नियोजक का यान आकषित हो सके
रियूमे तयार करने के लिए ऐसा डिजाइन चुनें जो एलोयर का यान रियूमे की ओर खींच सके। एलोयर रियूमे पर निगाह डालते ही आपको काय देने के सबध में फसला ले सके। मााआें या पेलिंग की गलतियों से बचें। अपने रियूमे को साफ व वछ रखें। आपके रियूमे में कायानुभव, योयता व शिक्षा को हाइलाइट किया गया हो।
सक्षि वाय लिखें इन जानकारियों का विलेषण करें आर उसके मुताबिक रियूमे तयार करें।
अपनी किस या दक्षता को हाइलाइट करेंये बहत महवपूण ह। ऐसा करने से एलोयर आपकी दक्षताआें आर उपलधियों के सबध में जान सकेगा।
याद रखें कि आपका रियूमे आपकी मार्केटिंग का य ह। सोचें कि आपका रियूमे आपको ऊचाइयों की ओर ले जाएगा। सुनिचित करें कि आपका रियूमे मार्केट की आवयकताआ के अनुप हो।
