ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

यहां तैयार होते हैं देश के कर्णधार

Swatantra Vaartha  Mon, 1 Mar 2010, IST

यहां तैयार होते हैं देश के कर्णधार

आरआईएमसी का उद्देश्य एनडीए/ एनएपीवीसी में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को भेजना है। यहां बच्चों में शैक्षणिक गुण विकसित करने के अलावा उन्हें देश सेवा के जज्बे से भी परिचित कराया जाता है।

लेफ्टिनेंट जनरल पीएस भगत, मेजर सोमनाथ शर्मा, जनरल के एस थिमैया, जनरल जी जी वेवूर, जनरल वी एन शर्मा, एयर चीफ मार्शल एन सी सूरी, जनरल एस पद्मनाभन, सीबीआई चीफ अश्वनी कुमार जैसी प्रमुखी हस्तियों के साथ एक बात कॉमन है और वह यह है कि इन सभी ने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) से शिक्षा हासिल की है। कभी प्रिंस ऑफ रॉयल इंडियन मिलिट्री कॉलेज के नाम से जाना जाने वाला यह कॉलेज आज भी अपनी इस पहचान को बनाए हुए है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य एनडी/एनएपीवीसी में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को भेजना है। देश के हर राज्य के करीब २५० बच्चों का हर साल आरआईएमसी में एडमिशन लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट के आधार पर किया जाता है। यहां कैडेटों के लिए डोरमेटरी, मेस और डायनिंग हॉल हैं। उच्च कोटि के उपकरणों से सजी प्रयोगशालाएं और बृहद कक्षाएं संस्थान की गुणवत्ता की बानगी हैं। शिक्षण के अलावा छात्रों को यहां स्थित करीब १३ खेल मैदानों में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, बॉस्केटबॉल से लेकर घ़ुडसवारी और तैराकी के खेल में पारंगत बनाया जाता है। इस संस्थान का संचालन डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ट्रेनिंग, आर्मी हेडक्वार्टर के जरिए रक्षा मंत्रालय से किया जाता है। इस शिक्षण संस्थान में सीबीएसई पैटर्न पर सिर्फ साइंस की प़ढाई होती है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य भविष्य का नेतृत्वकर्ता तैयार करने के साथ कैडेटों को एनडीए के लिए तैयार करना है।

चयन प्रक्रिया

आरआईएमसी में छात्रों का नामांकन आठवीं कक्षा में होता है, जिसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर लिखित परीक्षा आयोजित होती है। अंतिम चयन साक्षात्कार एवं मेडिकल टेस्ट के बाद होता है। जनवरी और जून में दो बार लिखित परीक्षा होती है। सत्र जनवरी के एडमिशन के लिए आवेदन मिलने शुरू हो गए हैं। परीक्षा एक और दो जून को होगी। आरआईएमसी का प्रॉस्पेक्टस १६० रुपये में देहरादून स्थित आरआईएमसी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है,जो पूरे साल मिलता रहता है। इसे २०० रुपये में डाक के जरिए भी मंगाया जा सकता है। सैंपल पेपर के साथ प्रॉस्पेक्टस को ‘द कमांडेंट आरआईएमसी देहरादून २४८००३’ के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट के जरिए भी मंगाया जा सकता है। आवेदन संबंधी अधिक जानकारी के लिए आवेदक आरआईएससी की वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि ३१ मार्च २०१० निर्धारित है।

आयु सीमा

प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के वक्त परीक्षार्थी की उम्र ११ से १३ (१ जनवरी २०११ को उम्र १३ वर्ष से अधिक नहीं) वर्ष होनी चाहिए। साथ ही परीक्षार्थियों का जन्म २ जनवरी १९९८ से पहले का १ जुलाई १९९९ के बाद का नहीं होना चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता

१ जनवरी २०११ तक परीक्षार्थियों को कक्षा सातवीं में अध्ययनरत अथवा उत्तीर्ण होना चाहिए।

फीस और छात्रवृत्ति

छात्रों को प्रत्येक वर्ष २२,३०० रुपये शुल्क के रूप में देने होते हैं। १० हजार रुपये सिक्योरिटी के तौर पर लिए जाते हैंजो पास आउट होने पर रिफंड कर दिए जाते हैं। विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत प्रत्येक वर्ष १० से २० हजार रुपये तक छात्रवृत्ति का प्रावधान है।

प्रवेश परीक्षा

एक जून को १२५ प्रश्नों की अंग्रेजी विषय की परीक्षा सुबह १०१२ बजे तक और २०० अंकों की गणित की परीक्षा अपराह्न २ से ३३० बजे तक होगी। दो जून को ७५ प्रश्नों की सामान्य ज्ञान की परीक्षा सुबह १० से ११ बजे तक होगी। लिखित परीक्षा में सफल छात्रों ५० अंकों के साक्षात्कार एवं उसके बाद मेडिकल टेस्ट में उत्तीर्ण होना होता है। फिर संस्थान में प्रवेश मिल जाता है।

आपकी राय