संगीत की सरगम
क्लासिकल, पॉप, जैज म्यूजिक का शौक और गानों की अच्छी जानकारी यदि आपको है, तो इस रुचि को बतौर कैरियर परिवर्तित किया जा सकता है । इन दिनों डिस्क जॉकी (डीजे) काफी पॉपुलर हो रहा है। अगर डिस्क जॉकी में कैरियर बनाना चाहते हैं, तो बेहतर यही होगा कि इससे संबंधित प्रोफेशनल कोर्स कर लें ।
डीजे बरख कौल का कहना है कि डीजे बनने के लिए कोर्स करना इसलिए बेहतर रहता है , क्योंकि इससे तकनीक और संबंधित इक्विपमेंट्स की अच्छी जानकारी मिल जाती है। जहां तक काम का सवाल है , तो यह प्रैक्टिस और अनुभव के साथ और निखरता जाता है ।
डीजे बनने के लिए आमतौर पर बिगनिंग और एडवांस कोर्स किया जा सकता है । बिगनिंग कोर्स में दो गानों की मिक्सिंग या फिर दो गानों को एक साथ बजाने की कला सिखाई जाती है। साथ ही, जिस आयोजन में आप म्यूजिक की धुन पर वहां शरीक लोगों को नचा रहे हैं , उसे किस तरह और आनंदित किया जाए , यह सब कुछ सिखाया जाता है ।
एक बार आपको बेसिक जानकारी हो जाए , तो इसके बाद आप एडवांस कोर्स के लिए बढ सकते हैं, जिसमें प्रोडक्शन संबंधी जानकारी दी जाती है । तीन से छः महीनों के इस कोर्स में सॉफ्टवेयर्स के अलावा प्रोडक्शन और फिर मिक्सिंग के साथ खुद का म्यूजिक तैयार करने की तकनीक सिखाई जाती है ।
इन दोनों कोर्सों को करने के बाद मिक्सिंग , पिचिंग , सैम्पलिंग , क्रॉस फेडिंग, बार मिक्सिंग , बीपीएम, रिवर्स क्रॉस फेडिंग में स्टूडेंट्स को पारंगत बनाया जाता है , जिससे कि लाइव परफॉर्मेंस के दौरान उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न आए ।
फ्रोफेशन से डीजे और डीजे एकेडमी चलाने वाली सनी सरिद का कहना है कि डिस्क जॉकी अपने ऑडिएंस के साथ संगीत और धुनों के जरिये ही जुड सकता हैं । इसलिए किसी भी डीजे केे लिए यह सीखना बेहद जरूरी है कि ऑडिएंस के साथ किस तरह कम्युनिकेट करे और उनके दिलोदिमाग पर छा सके ।
फीस
कोर्स के लिए हर इंस्टीट्यूट की अपनी अलग फीस है । फिर भी तीन महीनों की अवधि का कोर्स करने के लिए कम से कम २० हजार रुपये कि फीस चुकानी होगी । कोर्स करने के बाद आप भी संगीत की इस ग्लैमरस दुनिया में उतर सकते हैं ।
ग्लैमर और शोहरत
इस बात से आप भी इत्तफाक रखते होंगे कि हर प्रोफेशन की अपनी कुछ विशेषताएं होती हैं तो कुछ कमियां भी । डिस्क जॉकी एक ऐसा प्रोफेशन है, जिसमें देशविदेश की सैर की जा सकती है । साथ ही , दुनिया भर में अपने काम के जरिये नाम भी कमाया जा सकता है । जबकि सनी सरिद के मुताबिक , तमाम खूबियों के साथ इस प्रोफेशन की सबसे बडी खामी यह है कि यहां काम का कोई समय निर्धारित नहीं है । प्रोफेशनल जिम्मेदारियों को निभाने में कई बार निजी जिंदगी खोती सी दिखती हैं ।
आय
शुरुआती दौर में डिस्क जॉकी सात से दस हजार रुपये प्रति माह की कमाई कर सकते हैं , लेकिन एक बार नाम और शोहरत मिलने के बाद मासिक आय पचास हजार को पार कर जाती है । डीजे किरण का कहना है कि इस क्षेत्र के प्रोफेशनल्स को मुकाम बनाने के लिए कुछ खास और कुछ अलग करने की जरूरत होती है । शुरुआती दौर में हर क्षेत्र में कठिनाइयां आती ही हैं ।
संभावनाओें के क्षेत्र
निजी पार्टीज और शादी जैसे उत्सवों के अलावा होटल्स और डिस्कोथेक में डिस्क जॉकी की डिमांड बढ रही है । इसके अलावा , रेडियो स्टेशंस में भी संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं ।
