अपने शौक को बनाइये प्रोफेशन
आजकल बहुत सारे सामान सिरेमिक से बनाए जा रहे हैं । कप और सजावटी सामानों से लेकर स्पार्क प्लग, ड्रेन पाइप, सिनेटरी वायर, स्पेस शटल और भी न जाने कितने उद्योगों में इसका इस्तेमाल होने लगा हैं । माना जाता है कि लगभग तीन हजार वर्ष पूर्व ही चीन के निवासियों ने सिरेमिक का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। इसीलिए आम भाषा में सिरेमिक को चीनी मिट्टी कहते हैं। उस समय इसका इस्तेमाल आमतौर पर कप बनाने के लिए किया जाता था। धीरेधीरे विकास हुआ और इस क्षेत्र का आकार काफी बडा हो गया ।
क्या है उपयोगिता
इन दिनों कंज्यूमर गुड्स से जुडे कई ऐसे उद्योग हैं, जो पूरी तरह से सिरेमिक मैटीरियल पर ही निर्भर हैं । सिरेमिक का इस्तेमाल ब्रिक्स, सीमेंट, टाइल्स, ग्लास , पॉटरी और स्पार्क प्लग कंपनियों में तो होता ही हैं । इसके साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री में इलेक्ट्रिकल इंसुलेटर, डायोड्स, मैग्नेटिक कैपिस्टर मैटीरियल आदि में इसका उपयोग बडे पैमाने पर होने लगा हैं ।
कैसे लें एंट्री
इस फील्ड में एंट्री के लिए बारहवीं साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स ) से पास होना जरूरी हैं । देश के कई प्रमुख कॉलेज सिरेमिक टेक्नोलॉजी से जुडे बीई, बीटेक प्रोग्राम ऑफर कर रहे हैं । इसकी अवधि चार वर्ष की होती है । इसके बाद सिरेमिक में एमटेक और पीएचडी कोर्स भी कर सकते हैं । इस कोर्स में एंट्री रिटेन टेस्ट के माध्यम से होती हैं । सिरेमिक के क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए क्रिएटिव और आर्टिस्टिक होने के साथसाथ बेहतर इमेजिनेशन पॉवर भी होनी चाहिए । साथ ही अपने विचारों को ड्राइंग के माध्यम से व्यक्त करने की कला और रंगों की समझ भी होनी चाहिए ।
कार्य
सिरेमिक टेक्नोलॉजिस्ट नई तकनीक की सहायता से नॉनमैटेलिक और इनऑर्गेनिक मैटीरियल्स का इस्तेमाल करते हुए उपयोगी और बेहद आकर्षक प्रोडक्ट तैयार करने में माहिर होते हैं । इतना ही नहीं ,वे बालू और क्ले (चिकनी मिट्टी ) का उपयोग बेसिक सिरेमिक मैटीरियल को तैयार करने के लिए करते हैं। इसमें केमिकल प्रॉसेस की मदद भी ली जाती हैं।
संभावनाएं
सिरेमिक टेक्नोलॉजिस्ट के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी,इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलिकम्यूनिकेशन, स्पेस टेक्नोलॉजी, मेडिसिन और सीमेंट कंपनी में रोज़गार की अच्छी संभावनाएं हैं। इन कंपनियों में सिरेमिक टेक्नोलॉजिस्ट असिस्टेंट या जूनियर टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में कैरियर की शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद वे सुपरवाइजर, प्रोजेक्ट इंजीनियर और रिसर्च डायरेक्टर भी बन सकते हैं । इस क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों की सैलरी भी काफी अच्छी होती हैं । सिरेमिक में डिग्री और डिप्लोमा रखने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआती दौर में ही १५ से २० हजार रुपये के करीब प्रति माह सैलरी मिलने लगती हैं। यदि चार से छह वर्ष का कार्यअनुभव है, तो इससे भी अधिक मिल सकती हैं । वैसे, इस क्षेत्र में फ्रीलांस के रूप में भी अच्छी कमाई करने का भरपूर अवसर होता हैं । इससे संबंधित कोर्स देश भर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध हैं । आप अपनी सुविधा और बजट के अनुरूप बेहतर
