नये कैरियर में तलाशें अवसर
जैव विविधता ; ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व के लिए गंभीर समस्या बन गई हैं । इसकी वजह से जीवजंतुआें की कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। इसीलिए अब जैव विविधता से संबंधित प्रोफेशनल्स की मांग जोर पकड रही है। इस फील्ड में आने के लिए जैव विविधता के बारे में अच्छी जानकारी जरूरी हैं, जैसेबायो डायवर्सिटी यानी जैव विविधता के बारे में मूल्यांकन, साइट सर्वे, साइट मैनेजमेंट, जिओ इन्फॉर्मेंटिक सिस्टम आदि । प्रोग्राम खत्म करने के बाद रोजगार के लिए इंटरनेशनल एनजीओ, वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड और नेशनल वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन ग्रुप में कोशिश कर सकते हैं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट एंड फॉरेस्ट एंड एडवाइजरी बोर्ड में भी नौकरी की अच्छी संभावनाएं हैं । इसमें एंट्री के लिए बीएससी जरूरी है । एंट्री प्रवेश परीक्षा के आधार पर होती है। देश की प्रमुख यूनिवर्सिटी में इससे संबंधित कोर्स उपलब्ध हैं।
फैशन स्टाइलिंग ः भारत के लिए फैशन स्टाइलिंग का कॉन्सेप्ट नया है, लेकिन अब फैशन के प्रति लोगों के बढते क्रेज की वजह से इस फील्ड में काफी स्कोप हैं । यदि आप लोगों को स्टाइलिश बनाने का हुनर रखते हैं , तो फैशन स्टाइलिंग में काफी अच्छा कैरियर हो सकता हैं । इस फील्ड में सफलता इस बात पर भी निर्भर करती हैं कि आप खुद की मार्केटिंग किस तरह से कर पाते हैं ! साथ ही, फैशन वर्ल्ड के नए ट्रेंड की जानकारी भी जरूरी है । फैशन स्टाइलिंग से जुडे पेशेवर एक असाइनमेंट के लिए करीब १५ से २० हजार रुपये तक लेते हैं । नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी या इससे संबद्घ प्राइवेट संस्थानों में संबंधित कोर्स उपलब्ध हैं । कोर्स में मेकअप नॉलेज, हेयर स्टाइल, फोटोग्राफी , कंप्यूटर और आईटी एप्लिकेशन के बारे में जानकारी दी जाती हैं । एंट्री के लिए १२ वीं पास होना जरूरी है । कोर्स पूरा करने के बाद फैशन हाउस, एड फिल्म , फिल्म इंडस्ट्री, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आदि में रोजगार की तलाश कर सकते हैं ।
इंडस्ट्रियल एरिया प्लानिंग ः इंडस्ट्रियल एरिया मैनेजमेंट और प्लानिंग आज इंडस्ट्री की जरूरत बन गई हैं । देश की इंडस्ट्रीज के विकास के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं । इसमें स्पेशल इकोनॉमिक जोन, स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन और इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी शामिल हैं। पेशेवर की बढती हुई डिमांड को देखते हुए इंडस्ट्रियल एरिया प्लानिंग एंड मैनेजमेंट में एमटेक कोर्स की शुरुआत की गई हैं । इससे जुडे स्टूडेंट्स इंडस्ट्रियल एरिया के प्लानिंग, डिजाइनिंग, डेवलपमेंट और मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करते हैं । जहां तक जॉब की बात है , तो गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के साथसाथ एनजीओ, रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन, कंसल्टेंसी ऑर्गनाइजेशन आदि में संभावनाएं हैं । इस कोर्स में प्रवेश के लिए ऑर्किटेक्चर/सिविल इंजीनियरिंग/प्लानिंग में बैचलर डिग्री या फिर जिओग्रफी/ इकोनॉमिक्स/सोशियोलॉजी में मास्टर डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स आवेदन कर सकते हैं ।
