नई नौकरी में खुद को ‘एडजस्ट’ कैसे करें?
मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली रंजना एक दिन ऑफिस से आधे दिन काम करके चली आई। रंजना की नौकरी अभी हाल में ही लगी थी। वह कंपनी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थी। वह नोएडा के सेक्टर ६३ में रहती है। जब मैं उसके घर गया तो सही बात पता चली। रंजना ने बताया, ‘‘हर दिन किसी बात को लेकर डांट सुननी प़डती है। किसी दिन समय से न आने पर, तो किसी दिन मीटिंग में हिस्सा न लेने पर, मेरा तो इस नौकरी से मन ही भर गया है।’’अंजलि एक काल सेंटर में काम करती है। उसे कुछ दिन पहले ही नौकरी मिली है, लेकिन आए दिन उसकी अपने बॉस से किसी न किसी मुद्दे पर बहस हो जाती है। उसके बाद अंजलि का मूड ऑफ हो जाता है। फिर उससे काम नहीं हो पाता। बेचारी अंजलि सभी काम अच्छे ढंग से करती है, लेकिन उसे ऐसे हालात का सामना करना प़डता है। उसे डर है कि पहली नौकरी से हाथ न धोना प़डे।
सविता कबीर नगर में रहती है। वह पेशे से टीचर है। उसका कहना है कि सबके साथ मेरा व्यवहार टीकठाक होते हुए भी अचानक मेरे खिलाफ माहौल बन जाता है। इस तरह मैं अपने साथी टीचरों से अलग प़ड जाती हूं। आपने देखा कि इन सबकी कुल मिलाकर एक ही कहानी दिखती है। ऐसे में जब नई नौकरी हो तो कौन से तरीके अपनाएं कि आपके बॉस आपके कायल हो जाएं और आपके काम की भी प्रशंसा हो?
ऑफिस समय से जाएं
नई नौकरी में अपना इंप्रेशन बनाए रखने के लिए आपको समय से ऑफिस जाना चाहिए। किसी कारण आपको जाने में देर हो जाती है, तो अपने बॉस या अपने हैड को बताएं।
ऑफिस में पर्सनल बातें न करें
ध्यान रखें कि ऑफिस और घर में अंतर होता है। ऑफिस में कभी भूलकर भी पर्सनल बातें न करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो लोग इसका फायदा उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
बहस न करें
आप सदैव इस बात का ध्यान रखें कि बहस से किसी समस्या का हल नहीं होता, बल्कि बहस करने से समस्या जटिल हो जाती है। इसका बेहतर तरीका है कि किसी की बात को आप ध्यानपूर्वक सुनें। आपको उसमें कुछ राय देनी हो तो विनम्रता से बताएं।
बॉस इज आलवेज राइट
कहते हैं कि बॉस इज आलवेज राइट। इस फंडे को आपको अपनाना होगा। यदि आपके बाॅॅस आपसे किसी मुद्दे पर सहमत नहीं है, तो आप बॉस इस आलवेज राइट के फंडे को मानें।
बेकार की बातों में न उलझें
अक्सर ऐसा होता है, हम किसी मुद्दे पर कुछ ज्यादा जानते हैं और वह टॉपिक छ़िड गया तो हम बोलने लगते हैं। यह ऑफिस के मैनर में नहीं आता। ऑफिस कोई बहस की जगह नहीं है। आप सदैव इससे बचें।
सहयोगियों से मित्रवत व्यवहार रखें
आप जहां काम करते हैं वहां अपने साथियों से मित्रवत व्यवहार रखें। इस तरह से आपको काम करने का एक अच्छा माहौल मिलेगा।
विचारों में अंतर वाले लोगों से कम बोलें
ऑफिस एक ऐसी जगह है जहां जरूरी नहीं कि आपकी सबसे बने ही। इसका तरीका है कि ऐसे लोगों से बातचीत कम करें और अपने काम पर ध्यान दें।
काम को प्राथमिकता दें
ऑफिस आपके लिए नई जगह है। ऐसे में आपका काम ही आपको लोगों से आगे ले जाने में अहम रोल निभाएगा। आपको अपने काम को प्राथमिकता पर रखना चाहिए।
दूसरों से विनम्रता से पेश आएं
विनम्रता से कही गई बात का प्रभाव ही अलग होता है। आप जब भी किसी से बात करें तो इस बात का ध्यान रखें कि लोग आपकी बोली के कायल हों।
हमेशा सहयोग का रवैया रखें
ऑफिस जैसे स्थान पर आपका सहयोगी रवैया आपके सहकर्मियों पर एक अच्छा प्रभाव डालेगा। आपको सबके साथ सहयोग की भावना से काम करना चाहिए।
गलती से बचने के लिए सहकर्मियों की राय लें
अगर आपको ऑफिस में कोई बात समझ में नहीं आती हैै, तो बेहतर है अपने सहकर्मियों से पूछ लें। इससे आप गलती करने से बच सकेंगे।
टेंशन को दें पेंशन
टेंशन को पेंशन देना बहुत ही आसान काम है। काम या किसी दूसरे की किसी बात की कभी टेंशन न पालेें। इस तरह आप बेहतर काम को अंजाम दे सकेंगे। टेंशन से बचने के लिए दूसरों पर कमेंट से बचना बेहतर तरीका होगा।
अपनी समस्या दूसरों को बताएं
अपनी समस्या किसी दूसरे को बताकर आप उसका समाधान पा सकते हैं। इससे आपका मन भी हल्का हो जाएगा और हो सकता है इसका हल भी निकल जाए।
हर दिन एक नया दिन
आप यह मानें कि गलती करना मनुष्य का स्वाभाविक गुण है, लेकिन गलती करने से बचना बेहतर होता है। गलती किए बिना आपने कोई चीज एचीव की तो यह आपकी तरक्की के लिए बेहतर रहेगा। यह भी सोचें कि हर दिन एक नया दिन है। यह आपको विश्वास देने के लिए बेहतर खुराक साबित होगा।
गलती को स्वीकार करें
कोशिश करें कि गलतियों से बचा जाए, लेकिन यदि आपसे कोई गलती हो जाती है, तो इसे स्वीकार करें, क्योंकि गलती स्वीकार करने से आपमें विश्वास की भावना जागेगी।
इसके अलावा आप उस जगह के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें। जहां आपको नौकरी करनी है। आनेजाने के समय के पाबंद बनें, जिससे आपकी छवि अनुशासित कर्मचारी के रूप में निखरेगी और नई नौकरी की राह होगी आसान।
नरेन्द्र देवांगन
