कैसे बने प्राइवेट जासूस?
प्राइवेट डिटेक्टिव या खुफिया जासूस का नाम सुनते ही मस्तिष्क में एक ऐसी छवि उभरती है जो बेहद रोमांच व भय पैदा करती है। इनका काम अनसुलझे अपराधों को सुलझाना और रहस्यों पर से पर्दा उठाना होता है। १०+२ अथवा स्नातक के उपरांत प्राइवेट डिटेक्टिव की बाकायदा ट्रेनिंग ली जा सकती है।
जासूस के गुण
कोई भी व्यक्ति सफल जासूस तभी बन सकता है, जब उसमें जोखिम उठाने का माद्दा हो। वह अपनी पहचान छुपाए रखने में माहिर हो। इसके अलावा वह शीघ्र निर्णय लेने में सक्षम हो। आत्मविश्वास से भरपूर हो। द़ृढ इच्छा शक्ति रखता हो, भरपूर मेहनत करने के लायक हो। खुफिया कार्य करने में उत्साह दिखाए और हर चुनौती का सामना करने को तैयार हो। कई भाषाआें का जानकार होना उसका सबल पक्ष होगा। यदि फॉरेंसिक विज्ञान की पृष्ठभूमि है तो वह उसकी अतिरिक्त योग्यता मानी जाएगी।
कार्यक्षेत्र
प्राइवेट डिटेक्टिव का काम मुख्यतौर पर खोजपूर्ण और संगठन, उत्पाद या व्यक्ति विशेष के बारे में जानकारी एकत्रित करना होता है। प्राइवेट जासूस से आप अनेक किस्म के काम ले सकते हैं, जैसेतलाक की समस्या, बच्चों का नियंत्रण, अस्वाभाविक मौत या शादीविवाह के लिए संबद्ध पक्षों के बारे में तथ्यपूर्ण जानकारी इत्यादि। इसी प्रकार पारिवारिक विरासत या जायदाद संबंधी विवादों के बारे में भी उनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। आजकल औद्योगिक जासूसी के लिए भी प्राइवेट डिटेक्टिव की सेवाएं ली जाती हैं। ब़डे व्यापारिक घराने अपने कर्मचारियों या चोरी और हेराफेरी के मामलों की खोजबीन के लिए जासूसों की नियुक्ति करते हैं। ये जासूस इस बात पर भी निगाह रखते हैं कि कहीं कोई कर्मचारी प्रतिद्वंदी कंपनी को कोई गोपनीय सूचनाएं तो नहीं भेज रहा है। या फिर पेटेंट और तकनीकों का हस्तांतरण तो नहीं कर रहा है।
शैक्षिक योग्यता
इस प्रोफेशन में दाखिल होने के लिए विशेष शैक्षणिक योग्यता या एकेडमिक पृष्ठभूमि की आवश्यकता नहीं होती। कुछ संस्थानों में १०+२ अथवा स्नातक के बाद एक वर्षीय डिप्लोमा किया जा सकता है। स्नातक के बाद ड़ेढ वर्ष का एडवांस डिप्लोमा भी कर सकते हैं। डिटेक्टिव एजेंसियां अपने जासूसों को ऑन द जॉब ट्रेनिंग भी देती हैं।
प्रशिक्षण संस्थान
वर्तमान में इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज ही देश का एकमात्र सरकारी प्रशिक्षण संस्थान है जहाँ ‘आर्ट ऑॅफ प्राइवेट इनवेस्टीगेशन’ का एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है। इसके अतिरिक्त भी निम्न लिखित संस्थानों में इच्छुक कोर्स किया जा सकता है ।
* ऑल इंडिया प्राइवेट डिटेक्टिव एसोसिएशन, दिल्ली
* सीबीआई एकेडमी, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश ।
* इंडियन काउंसिल ऑफ कारपोरेट इन्वेस्टीगेटर, दिल्ली ।
इसके अलावा भी कई सरकारी और निजी डिटेक्टिव संस्थानों में सामान्य और स्पेशलाइज्ड कोर्स कराए जाते हैं जिससे इच्छुक छात्र लाभान्वित हो सकते हैं।
रामचंद्र मौर्य
