बुलद हासले से ही िमलती है कामयाबी
मनुय सामायत देखने में सभी के बराबर से लगते है , सभी के कान, नाक, मुह, हाथपर एक जसे ही दिखाइ देते ह, परतु सफल ययाेिं व असफल ययाेिं में बहत बुनियादी अतर होता है । सफल य महवाकाक्षी होता ह, अपने जीवन के लय ऊचे रखता है आर श्रम से जी नहीं चुराता, शकाहीन नहीं होता व साहसी आमविवासी, उ मनोबल का धनी होता है । बाधाआें से नहीं घबराता व सबसे महवपूण बात यह ह कि वह तब तक यनरत रहता है , जब तक कि उसे मजिल नहीं मिल जाती, उसकी एक ही जुनून रहता है िक मे हर कीमत पर इस काय को करके ही दम लूगा।
चाहे कितने ही बाधाए आये, कितना ही सघष उठाना पडे, कितनी ही जोखिमों का सामना करना पडे। वह कभी निराशा को पास फटकने नहीं देता। वह काय को हाथ में लेने से पहले दस बार सोचता ह, परतु जब निणय कर लिया आर काय शु कर दिया तो पीछे मुडकर नहीं देखता। उसकी निगाहें हमेशा अपने लय व मजिल पर ही रहतीहै ।
जबकि असफल य सामाजिक यवथा को गह नक्षों को, भाय को, अपने घरवालों के सहयोग को दोषी मानता ह आर हाथ पर हाथ धरे अछे समय, गह गोचर व शनि की दशा उतरने की बाट जोहता रहता ह। वह दुविधा में रहता ह कि म जो काय कगा उसमें सफलता मिलेगी या नहीं। वह दोतों की राय लेता ह। कुछ हा में जवाब देते ह आर कुछ ना में। वह रिक उठाने की जोखिम नहीं लेना चाहता। वह समय परिथितियों को अनुकूल होने का इतजार करता अपनी जीवन याा समा कर लेता ह। यह दुनिया सभी के लिए समान अवसर देती ह, पर सभी के लिए बाधा उप करती ह। जसे फुटबाल व अय खेल में तिۧी पार्टी कहा गोल करने का माका देती ह। पग पग पर सामने दूसरे खिलाडी फुटबाल को आगे लेकर नहीं बढने देते, तो खिलाडी ये नहीं कहते कि या क गोल तो करता पर सामने वाले खिलाडी आगे बढने का माका नहीं देते, पर कुशल व विजेता वह होता ह कि उनकी बाधाआें को पार करके गोल करके ही दम लेता ह आर जीत का सेहरा उसी सघषशील खिलाडी के सिर पर बधता ।
इस ससार में बढने के हजार अवसर ह, अगर ыढ विवास हो, आशा हो, मनोबल हो, मेहनत व विवेक हो तो मजिल व सफलता मिलकर ही रहती ह। इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पडा ह कि जिनकी विरासत में एक पाइ नहीं मिली। शरीर से भी विकलाग थे, कइयों को तो भयकर बीमारी ने घेर रखा था, कितु बुलद हासलों के कारण ही इतिहास पुष हो गये व अपना नाम वण अक्षरों में लिखा गये। जितने भी महापुष इस दुनिया में हए ह, वह अपने आमबल, मेहनत व ल से ही बढे ह। किही के तो बचपन में माबाप का साया भी चला गया। जसेतसे अपने वय के बलबूते पर महानता की ओर गये ह। इस लेख के मायम से पाठकों से अनुरोध ह कि बुलद हासला, साहस, आशा व आमविवास ही आपके से सहयोगी ह। इनका साथ लेकर इवर विवास आर अपने आप में विवास रखोगे तो हर क्षे जो भी आप चुनेंगे सफलता आपके कदम चूमेगी, इसमें तनिक भी सदेह नहीं ह।
इस कविता के साथ लेख को समा करता ह
लहरों से डरकर नाका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।
नहीं चींटी जब दाना लेकर चलती ह
चढती दीवारों पर सा बार फिसलती ह
मन का विवास रगों में साहस भरता ह,
चढकर गिरना, गिरकर चढना न तनिक अखरता ह।
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नही होती।
असफलता एक चुनाती ह वीकार करो
या कमी रह गइ देखो आर सुधार करो
जब तक सफल न हो नींद चन की यागो तुम
सघषा] का मदान छोड मत भागो तुम
कुछ किए बिना ही जयजयकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।
