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अंतरिक्ष विज्ञान में बीटेक कोर्स

Swatantra Vaartha  Mon, 8 Feb 2010, IST

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अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया मानती है, लेकिन अभी तक यहां अंतरिक्ष के क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए सीधा रास्ता मौजूद नहीं था। पर अब अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बीटेक पाठ्‌यक्रम कराने की घोषणा कर इसरो ने स्पेस में कैरियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। इसरो ने अब इंडियन इन्स्टीट्य्‌ूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईएसटी) के नाम से एशिया की पहली स्पेस यूनिवर्सिटी स्थापित की है। अंतरिक्ष विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में स्नातक से डॉक्टोरल स्तर के कोर्स संचालित करने वाली यह विश्व की पहली यूनिवर्सिटी है।

इस यूनिवर्सिटी की सबसे खास बात यह है कि बीटेक में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इसरो में बतौर इंजीनियर या साइंटिस्ट काम करने का मौका दिया जाएगा, जो उसके कैरियर के लिहाज से ब़डी अपॉर्चुनिटी होगी। इसके अलावा डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस सभीविद्यार्थियों की प़ढाई, रहने और खानेपीने का खर्च उठाने के लिए उन्हें असिस्टेंटशिप पैकेज भी ऑफर करेगा।

आवेदन प्रक्रिया ः वर्ष २००९२०१० के सत्र में ७० प्रतिशत अंकों के साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बारहवीं या समकक्ष उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी इस पाठ्‌यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं। एससी, एसटी और पीडी श्रेणी के विद्यार्थी ६० प्रतिशत अंकों के साथ आवेदन कर सकते हैं। साधारण वर्ग के आवेदकों को करीब ५०० रुपये और आरक्षित एवं वर्ग के अभ्यर्थियों को २५० रुपये परीक्षा फीस देनी होगी।

दाखिला प्रक्रिया ः बीटेक (एरोस्पेस इंजीनियरिंग, एविऑनिक्स एंड फिजिक्स साइंस) पाठ्‌यक्रम में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आईसैट२०१० उत्तीर्ण करनी होगी। प्रवेश परीक्षा में दो परीक्षा में दो प्रश्न पत्र दिए जाएंगे, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स विषयों से संबंधित वैकल्पिक आधार के प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रवेश परीक्षा की अवधि दो घंटे होगी और परीक्षा का परिणाम मई माह तक घोषित किया जाएगा। आईसैट २०१० देशभर के ३० केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी।

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