दंत चिकित्सा के क्षेत्र में स्वर्णिम भविष्य
विज्ञान ने आज मानव जीवन से ज़ुडी सभी समस्याआें पर विजय प्राप्त कर ली है। विज्ञान के चमत्कार से समाज का कोई भी पक्ष अछूता नहीं है। विज्ञान ने कई भयंकर महामारियों का इलाज ढ़ूंढकर इन जानलेवा बीमारियों से मनुष्य को मुक्ति दिलाई है। चिकित्सा विज्ञान ने मनुष्य की शरीर से ज़ुडी सभी बीमारियों से संबंधित दवा खोज निकाली है। इस प्रकार दंत चिकित्सा भी आज चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष स्थान रखती है। दंत चिकित्सा से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं प्रावधानों के द्वारा इस क्षेत्र में रोजगार के ब़ढया आयाम कायम किए जा सकते हैं।
पाठ्यक्रम
पाठ्यक्रम चार वर्षीय होता है, जिसमें चार सत्र होते हैं।
पहला सत्र
एमबीबीएस व बीडीएस पाठ्यक्रम।
दूसरा सत्र
डेंटल एनॉटमी, जनरल माइक्रोपैथोलॉजी व फार्माकोलॉजी का अध्ययन कराया जाता है।
तीसरा सत्र
ओरलपैथोलॉजी, ओरल मेडिसन व प्रीक्लीनिकल या कंजरवेटिव डॉन्टेसिया के बारे में बताया जाता है।
चौथा सत्र
आर्थोडॉन्टिक्स, एंडोडॉन्टिक्स, पेडोडॉन्टिक्स, ओरल और मैक्सिकोफेशियल सर्जरी तथा कम्युनिटी डेंटिस्ट्री विषयों के बारे में विस्तार से प़ढाया जाता है।
चार वर्षीय पाठ्यक्रम के बाद इंटर्नशिप करनी प़डती है। इसमें छात्रों को प्रयोगात्मक शिक्षा दी जाती है। इसमें विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाता है।
अवसर
* सरकारी अस्पताल में सरकारी नौकरी।
* प्राइवेट प्रैक्टिस भी आमदनी का उत्तम स्रोत है।
* रेलवे, आर्मी, एयरफोर्स आदि स्थानों पर नियुक्ति मिल सकती है।
* विदेश जाकर धनोपार्जन किया जा सकता है।
* सुपर स्पेशलाइजेशन किया जा सकता है।
कार्य अवधि
डेंटिस्ट या दंत चिकित्सक के लिए आज के दौर में सिर्फ ९ से ४ बजे तक का ही समय नहीं रह गया है बल्कि अब डेंटिस्ट को आपातकालीन सेवा भी देनी प़डती है। यदि किसी व्यक्ति का एक्सीडेंट हो गया और उसका जब़डा या दांत टूट जाता है, तो सर्जन नहीं, बल्कि एक डेंटिस्ट उसका इलाज करेगा। इसलिए दंत चिकित्सक के लिए समय की कोई विशेष छूट नहीं है। आज दंत चिकित्सकों की भी मांग निरंतर ब़ढ रही है साथ ही इनके भी नियमित मरीज (रेग्युलर पेशेंट) बने हुए होते हैं।
दंत चिकित्सा में प्रशिक्षण देने वाले देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों का विवरण आपकी जानकारी के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
* डेंटल कॉलेज, मेडिकल कैंपस, रोहतक (हरियाणा)
* डीएवी सेंटिनरी डेंटल कॉलेज, मॉडल टाउन, यमुनानगर (हरियाणा)
* महर्षि मारकंडेश्वर कॉलेेज ऑफ डेंटल साइंस एंड रिसर्च मुलाना, जिला अम्बाला (हरियाणा)
* एस पी गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पीटल, शिमला (हिमाचल प्रदेश)
* हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेस, पावंटा साहिब, सिरमौर (हिंप्र)
* गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पीटल पटियाला (पंजाब)
* क्रिश्चियन (डेंटल कॉलेज, सीएमसी, लुधियाना (पंजाब)
* फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेस, सीएसएमएफ विश्वविद्यालय, लखनऊ (उप्र)
* चंद्र डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पीटल, दर्शनिया सफेदाबाद, बाराबंकी।
* सीमा डेंटल कॉलेज, बीरपुर,
ऋषिकेश (उत्तरांचल)
* गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पीटल, अफजलगंज, हैदराबाद (आंध प्रदेश)
* गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज, गुवाहावी (असम)
* पटना डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पीटल, अशोक राजपथ, पटना (बिहार)
* मिथिला माइनॉरिटी डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पीटल, समस्तीपुर, रोड, मनसुख नगर (एकमीघाट, लहेरिसराय, दरभंगा (बिहार)
* तमिलनाडु गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज, कोर्ट रेवले स्टेशन के सामने, चेन्नई
* राजाह मुथैया डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पीटल, अन्नामलाई नगर, तमिलनाडु।
